'भारत माता की जय' बोलना नहीं है राष्ट्रवाद: उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू

एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि केवल भारत माता की जय या जय हो बोलना राष्ट्रवाद नहीं है। सबके लिए जय हो यह राष्ट्रवाद है। अगर आप धर्म, जाति, शहरी-ग्रामीण विभाजन के आधार पर लोगों से भेदभाव करते हैं तो आप 'भारत माता की जय हो' नहीं कह रहे हैं।उपराष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा प्रणाली में बदलाव लंबे समय से आपेक्षित है। हमें पूरी तरह से औपनिवेशिक मानसिकता को खत्म करना चाहिए, छात्रों के बीच वास्तविक इतिहास, प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और विरासत और राष्ट्रवाद के मूल्यों को सिखाना चाहिए।


टिप्पणियाँ
Popular posts
परमपिता परमेश्वर उन्हें अपने चरणों में स्थान दें, उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें व समस्त परिजनों व समाज को इस दुख की घड़ी में उनका वियोग सहने की शक्ति प्रदान करें-व्यापारी सुरक्षा फोरम
चित्र
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की आपातकाल बैठक में वर्किंग कमेटी की गई भंग सर्वसम्मति से नए अध्यक्ष चुने गए डॉक्टर अनूप श्रीवास्तव
चित्र
राज्यपाल अनंदीबेन पटेल से से प्रशिक्षु IAS अफ़सरों नज की मुलाक़ात !!
चित्र
भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति में भी ब्राह्मणों के बलिदान का एक पृथक वर्चस्व रहा है।
चित्र
गोवंश का संरक्षण एवं संवर्द्धन राज्य सरकार की प्राथमिकता - धर्मपाल सिंह
चित्र