उत्तर प्रदेश में भाजपा ने 16 सांसदों के टिकट काटे,यहां जानें बीजेपी की नीति


लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी की ओर से उत्तर प्रदेश में घोषित 60 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए गए हैं। इनमें से बीस सांसदों के टिकट काट दिया या सीट बदल दी गई हैं। भाजपा का केन्द्रीय नेतृत्व यही चाह रहा है कि चुनाव जीत सकता है उसको ही टिकट दिया जा रहा है। जिसका क्षेत्र में थोड़ा भी असंतोष है उसका टिकट काट दिया गया है। या सीट बदल दी गई है।


अब तक भाजपा ने 60 टिकटों में 20 सांसदों के टिकट या तो काटे गए या बदल दिए गए । एक तिहाई भाजपा सांसद प्रभावित हुए हैं। हम भाजपा की लिस्ट देखें तो 16 सांसदों के टिकट भाजपा ने काट दिए हैं जबकि चार सांसदों की सीट बदल दी है। अभी तक प्रदेश में 20 सीटों पर एलान नहीं हो पाया है। इनमें से कुछ सहयोगियों को भी सीटें मिलेंगी।


भारतीय जनता पार्टी ने जिन बड़े सांसदों के टिकट काटे हैं। उनमें हैं कानपुर से सांसद मुरली मनोहर जोशी, देवरिया से सांसद कलराज मिश्रा, झांसी से सांसद उमा भारती शामिल हैं। इनके अलावा रामपुर से डॉक्टर नेपाल सिंह, संभल से सत्यपाल, हाथरस से राजेश दिवाकर, फतेहपुर से सीकरी बाबू लाल, शाहजहांपुर से कृष्णा राज, हरदोई से अंशुल वर्मा, मिश्रिख से अंजू बाला, बाराबंकी से प्रियंका रावत, बहराइच से सावित्री बाई फुले, कुशीनगर से राजेश पांडेय, बलिया से भरत सिंह, इटावा से अशोक दोहरे और प्रयागराज से श्यामा चरण गुप्ता हैं।


इनमें से झांसी से उमा भारती और देवरिया से कलराज मिश्र ऐसे सांसद हैं जिन्होंने पहले ही चुनाव नहीं लडऩे की बात कह दी थी। इन चार सांसदों का बदला क्षेत्र मेनका गांधी को पीलीभीत से सुल्तानपुर, राम शंकर कठेरिया को आगरा से इटावा, वीरेंद्र सिंह मस्त को भदोही से बलिया, और वरुण गांधी को सुल्तानपुर से पीलीभीत भेजा गया है।


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