कर्नाटक संकट पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश, स्पीकर लें बागी विधायकों के इस्तीफे पर फैसला


  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा- बागी विधायकों के इस्तीफे पर स्पीकर लें फैसला।

  • सुप्रीम कोर्ट ने विधायकों को विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने के लिए बाध्य नहीं करने का निर्देश दिया।

  • इस्तीफे पर फैसला लेने के कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष का अधिकार अदालत के निर्देश या फैसले से प्रभावित नहीं होना चाहिए।

  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संवैधानिक संतुलन को बनाए रखने की आवश्यकता है।

  • सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद विश्वासमत पर सस्पेंस गहराया।



 

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के 15 बागी विधायकों की याचिका पर बुधवार को अपना फैसला सुना दिया है। फैसले में कोर्ट ने कहा है कि विधानसभा अध्यक्ष विधायकों के इस्तीफों पर फैसला लें। लेकिन अध्यक्ष पर किसी समससीमा में फैसला लेने के लिए दबाव नहीं डाला जाएगा। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि विधायकों को भी विधानसभा में मौजूद होने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। 
 

बता दें इस फैसले से 14 महीने पहले बनी कुमारस्वामी सरकार को तगड़ा झटका लगा है। विधायकों द्वारा दायर इस याचिका में कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष को कांग्रेस-जेडीएस के बागी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करने की मांग की गई थी।

क्या कहता है गणित?


कर्नाटक विधानसभा में कुल 224 सीटें हैं। अगर स्पीकर को हटा दिया जाए सीटों की संख्या 223 हो जाती है। ऐसे में बहुमत के लिए 112 सीटें जरूरी हैं। मौजूदा गठबंधन सरकार के पास 116 सीट (कांग्रेस 78 +जेडीएस 37 + बसपा 1) हैं।

अगर कल विश्वास मत में इस्तीफा देने वाले 16 विधायक शामिल नहीं होते हैं तो सदन में 207 सीटों पर ही वोटिंग होगी। जिसमें बहुमत के लिए 104 सीट जरूरी हैं। ऐसे में कुमारस्वामी सरकार के पास केवल 100 ही सीटें बचती हैं। जबकि भाजपा के पास 105 विधायकों और दो निर्दलीय को मिलाकर कुल 107 सीटें हैं।


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