मानसून सत्र के पहले दिन ही SP सदस्यों ने सदन के अंदर-बाहर किया जमकर हंगामा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल (Uttar Pradesh Assembly) के मानसून सत्र (Monsoon Session) की आज गुरुवार से शुरुआत हो गई। इस दौरान समाजवादी पार्टी (SP) के सदस्यों ने सदन के बाहर और अंदर जमकर हंगामा किया। यह लोग विधान भवन परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठे रहे।


इसके बाद इन्होंने विधान परिषद में हंगामा किया। विधान भवन में विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होने से पहले बहराइच से समाजवादी पार्टी के एमएलसी हाजी इमलाक खां, नेता विरोधी दल अहमद हसन के कक्ष में बेहोश हो गए। वे मधुमेह व उच्च रक्तचाप के मरीज हैं। इसके बाद अहमद हसन के कक्ष में प्राथमिक चिकित्सा के बाद सचिवालय डिस्पेंसरी के डॉक्टरों ने उनका उपचार किया।


इसके बाद विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होते ही लाल टोपियां लगाए सपा सदस्य हाथों में तख्तियां लेकर सभापति के आसन के सामने आकर कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर नारेबाजी करने लगे। कार्यवाही शुरू होते ही सपाइयों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। सपाई सोनभद्र व संभल कांड को लेकर नारेबाजी करने लगे। सपाइयों ने आजम खां पर भी दर्ज हो रहे मुकदमों का मामला उठाया। हंगामे के कारण विधान परिषद की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी गई।


इसके पहले सपा विधायकों ने विधानमंडल दल के नेता राम गोविंद चौधरी और विधान परिषद में पार्टी के नेता अहमद हसन तथा बलराम यादव के नेतृत्व में कानून व्यवस्था को चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने योगी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था। उन्होंने आजम खां के खिलाफ मामले को भी लेकर नारेबाजी की। आजम खां के खिलाफ चल रही कार्रवाई को प्रदर्शनकारियों ने दमन बताया था।


टिप्पणियाँ
Popular posts
परमपिता परमेश्वर उन्हें अपने चरणों में स्थान दें, उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें व समस्त परिजनों व समाज को इस दुख की घड़ी में उनका वियोग सहने की शक्ति प्रदान करें-व्यापारी सुरक्षा फोरम
चित्र
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की आपातकाल बैठक में वर्किंग कमेटी की गई भंग सर्वसम्मति से नए अध्यक्ष चुने गए डॉक्टर अनूप श्रीवास्तव
चित्र
राज्यपाल अनंदीबेन पटेल से से प्रशिक्षु IAS अफ़सरों नज की मुलाक़ात !!
चित्र
भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति में भी ब्राह्मणों के बलिदान का एक पृथक वर्चस्व रहा है।
चित्र
गोवंश का संरक्षण एवं संवर्द्धन राज्य सरकार की प्राथमिकता - धर्मपाल सिंह
चित्र