उन्नाव कांड: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली ट्रांसफर किए सभी केस, 45 दिनों में पूरा करना होगा ट्रायल
उन्नाव बलात्कार और सड़क हादसे पर गुरुवार को उच्चतम न्यायालय सख्त नजर आया। मामले पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली तीन जजों की पीठ ने सीबाआई के जिम्मेदार अधिकारी को पहले दोपहर 12 बजे अदालत में पेश होने के लिए कहा था। इस आदेश के बाद सीबीआई के संयुक्त निदेशक संपत मीणा अदालत में पेश हुए जिससे पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत को लेकर सख्त सवाल पूछे गए। उनसे पूछा गया कि 28 जुलाई को सड़क हादसे का शिकार हुई पीड़िता का अब स्वास्थ्य कैसा है और क्या उसे दिल्ली स्थानांतरित किया जा सकता है। अदालत ने पीड़िता और उसके वकील की मेडिकल रिपोर्ट मांगी है। साथ ही एम्स से पूछा है कि क्या पीड़िता और उसके वकील को एयरलिफ्ट करके दिल्ली लाया जा सकता है?
 

शीर्ष अदालत ने कहा 'सीजेआई को लिखे पत्र और मामले को स्थानांतरित करने के आधार को देखते हुए हम सभी पांच मामलों को यूपी की सीबीआई अदालत से दिल्ली ट्रांसफर करते हैं। मामले की रोजाना सुनवाई करते हुए नामित न्यायाधीश को 45 दिनों के अंदर ट्रायर पूरा करना होगा।'  


सीजेआई रंजन गोगोई ने सॉलिसिटर जनरव तुषार मेहता से पूछा कि आपको उन्नाव बलात्कार पीड़िता और अन्य के सड़क हादसे मामले की जांच के लिए कितने समय की जरूरत है? इसपर सॉलिसिटर जनरल ने कहा एक महीना। इसके जवाब में सीजेाई ने कहा, 'एक महीना? नहीं सात दिन में मामले की जांच करें।' सीजेआई ने पूछा, 'पीड़िता की हालत कैसी है? इसपर मेहता ने उन्हें बताया कि वह वेंटीलेटर पर है। 

जिसके बाद सीजेआई ने कहा, क्या वह स्थानांतरण करने की हालत में है। हम पीड़िता को स्थानांतरित नहीं करना चाहते। क्या उसे एयरलिफ्ट किया जा सकता है। हम इसके बारे में एम्स से पूछेंगे। हम दोपहर दो बजे वापस आएंगे और सभी पांच मामलों को ट्रांसफर करने और पीड़िता और वकील को दिल्ली स्थानांतरित करने को लेकर आदेश देंगे। डॉक्टर बेहतर जज होते हैं। वह इस बात का फैसले लेंगे कि पीड़िता और उसके वकील को दिल्ली एयरलिफ्ट किया जा सकता है या नहीं।'

इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने सुनवाई करते हुए सीबीआई अधिकारी को दोपहर 12 बजे पेश होने और अभी तक की जांच के बारे में जानकारी देने का निर्देश दिया था। साथ ही न्यायालय ने उस सड़क दुर्घटना मामले की जांच पर जानकारी मांगी है जिसमें उन्नाव बलात्कार पीड़िता घायल हो गई थी। शीर्ष अदालत ने कहा कि हम इस बलात्कार मामले से जुड़े सभी मामलों को उत्तर प्रदेश के उन्नाव से बाहर स्थानांतरित करेंगे। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई मामले की स्थिति के बारे में जांच का पूरा विवरण चाहते हैं।

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