यूपी के चार शहर देश में टाॅप टेन में, खनन पट्टे में अनियमितताएं, सूचना जनसंपर्क विभाग की अन्य खबरें

राज्य जलनीति तैयार करने के निर्देश, अत्याधुनिक तकनीकी अपनाई जाए


इंडिया इमोशंस न्यूज डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री डाॅ. महेन्द्र सिंह ने जल संरक्षण, जल संचयन तथा जल संवर्धन के जलशक्ति विभाग के सभी घटकों को शामिल करते हुए एक समावेशी तथा कारगर जलनीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस बहुआयामी जलनीति को तैयार करते समय भारत सरकार तथा देश के अन्य राज्यों में प्रचलित जलनीति का अध्ययन एवं दुनिया में इस क्षेत्र में जो नये प्रयोग किये जा रहे हैं उनको भी समावेश करने पर विचार किया जाय।


डाॅ. सिंह ने कहा कि उ0प्र0 में भूजल स्तर को बढ़ाने तथा दिनोदिन होती जा रही जल की गम्भीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए भूगर्भ जल विभाग द्वारा कई कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। समरसेबुल लगाने के लिए रेनवाट हारवेस्टिंग प्रणाली स्थापित करना तथा शिक्षण संस्थाओं की मान्यता के लिए जल संरक्षण अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही जल संचयन एवं संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भूगर्भ जल के आंकड़ों का लगातार अनुश्रवण एवं परीक्षण करने के साथ ही प्रदेश के आठ प्रमुख नदियों के रिवर बेसिन के आंकड़ों का अध्ययन करके भविष्य में कितने पानी की आवश्यकता होगी इसपर भी कार्य किया जाना चाहिए। डाॅ. महेन्द्र सिंह ने कहा कि जलशक्ति विभाग के अच्छे कार्यों की मार्केटिंग भी की जानी चाहिए।


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जिन कार्यों को पूरा करने की टाइमलाइन निर्धारित की गई है वह पूरे कराए जाएं: केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लोक निर्माण विभाग, सेतु निगम व निर्माण निगम के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं । उन्होंने कहा है कि वित्तीय वर्ष के अंत तक जिन कार्यों को पूरा करने की टाइमलाइन निर्धारित की गई है वह कार्य पूरे कराए जाएं । उन्होंने कहा कि कार्यों का नियमित निरीक्षण किया जाये, ताकि कार्यों की गुणवत्ता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े और सभी कार्य गुणवत्ता पूर्ण ढंग से हो सकें। श्री मौर्य शुक्रवार को यहां आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में विभागीय प्रगति की समीक्षा कर रहे थे ।


श्री मौर्य ने कहा जो बजट आवंटित किया गया है ,उसके सापेक्ष सभी कार्य समय से पूरे करा लिए जाएं तथा आर0ओ0बी0, पुलों और फ्लाईओवर के कामों में भी तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में निर्माणाधीन आर0ओ0बी0 को तत्काल पूरा करने की कार्यवाही की जाए।


उन्होंने यह भी कहा कि अन्य प्रदेशों की सीमावर्ती जिलो को जोड़ने वाली सड़कों के बारे में भी तीव्रता से कार्रवाई की जाए तथा वहां के सीमावर्ती विधायकों व सांसदों से भी अधिकारी वार्ता करते रहें ।उन्होंने कहा जो कार्य ज्यादा उपयोगी हैं, उनको पहले पूरा कराया जाए इसी तरह जिन पुलों का निर्माण ज्यादा जरूरी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए ।
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मृतकों के घर पहुंच प्रभारी मंत्री ने दी तात्कालिक सहायता


किसान दुर्घटना व मुख्यमंत्री राहत कोष से भी सहयोग दिलाने के दिए निर्देश
लखनऊ, प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांग जनशक्तिकरण मंत्री तथा जनपद बलिया के प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने आज करीब एक पखवाड़ा पहले बड़सरी जनपद बलिया में हुई सड़क दुर्घटना में साहोडीह गांव के मृत चारों युवकों के परिजनों से मिले। उन्होंने सभी के आश्रितों को अपने पास से पांच-पांच हजार की तात्कालिक सहायता राशि दी। परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में हम सब साथ हैं। उन्होंने तहसीलदार बांसडीह गुलाब चंद्रा को निर्देश दिया कि स्वयं रुचि लेकर कृषक दुर्घटना योजना से जुड़ी कार्यवाही पूरी कराएं और लाभ दिलवाएं। तहसीलदार ने बताया कि इसके अलावा मुख्यमंत्री सहायता कोष से भी राहत दिलाने के लिए कार्यवाही की जाएगी। प्रशासन की ओर से हरसम्भव मदद की जाएगी। प्रभारी मंत्री ने कहा कि जो भी सहायता देना है जल्दी दिया जाए।



पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांग जनशक्तिकरण मंत्री व जनपद बलिया के प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि असमय बारिश होने की वजह से जो भी फसल का नुकसान हुआ है उसका आकलन जल्द कर लिया जाए। इसके अलावा आकाशीय बिजली या किसी दैवीय आपदा से कोई जनहानि होती है तो 24 घण्टे के अंदर राहत दी जाए। उन्होंनेे लोक निर्माण विभाग के डाकबंगले में फसल नुकसान के सम्बंध में कृषि विभाग, फसल बीमा कम्पनी के अलावा सभी एसडीएम-तहसीलदार के साथ समीक्षा बैठक किया।
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समस्त गन्ना आपूर्ति कर चुके किसानों का सट्टा किया जायेगा बन्द
लखनऊ, गन्ना किसानों द्वारा खेत में खडे़ पेराई योग्य गन्ने की आपूर्ति के सम्बन्ध में आशकाओं को तत्काल संज्ञान में लेते हुए मंत्री, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास, सुरेश राणा द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में प्रदेश के गन्ना एवं चीनी आयुक्त, द्वारा गन्ना किसानों के खेतों में खडे, पेराई योग्य समस्त गन्ने का पुनः सर्वे कराने हेतु निर्देश जारी किये गये हैं।



कृषकों की सुविधा के दृष्टिगत उनके आपूर्ति योग्य खेतों में खड़े गन्ने की सामयिक खपत किये जाने के लिए जिन चीनी मिलों/गन्ना क्रय केन्द्रों पर गन्ना कलेण्डर का 10वाॅं पक्ष समाप्त हो गया है वहाॅं राजकीय गन्ना पर्यवेक्षकों एवं चीनी मिल कार्मिकों द्वारा संयुक्त रूप से पेराई योग्य खड़े गन्ने का संयुक्त सर्वेक्षण किया जायेगा, जिससे सम्बन्धित चीनी मिलों द्वारा उपलब्ध अतिरिक्त आपूर्ति योग्य गन्ने की खरीद एडिशनल बांडिंग के रूप में की जा सके। इस सर्वेे के आधार पर यह आंकलन किया जा सकेगा कि कितना गन्ना अभी पेराई हेतु शेष रह गया है। संयुक्त सर्वेक्षण से प्राप्त सर्वे आंकड़ों की फीडिंग कृषकवार ई.आर.पी. पर करायी जाएगी।
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स्मार्ट सिटी योजना: यूपी के चार शहर देश में टाॅप टेन में...
लखनऊ, स्मार्ट सिटी योजना की रैंकिंग में देश में प्रदेश ने सुधार करते हुए 9 वां स्थान प्राप्त किया है। आगरा ने आॅल इण्डिया रैंक मे प्रथम स्थान प्राप्त किया है। आगरा स्मार्ट सिटी द्वारा इस अवधि में माइक्रो-स्किल डेवलेपमेन्ट सेन्टर, पी0पी0पी0 आधारित स्मार्ट हेल्थ सेन्टर, सेल्फ क्लीनिंग टाइलेट्स की परियोजनायें मुख्य रूप से पूर्ण की है। प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी एवं प्रयागराज शहरो में इन्टीगे्रटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर (आई.सी.सी.सी.) की परियोजनाये प्रारम्भ हो गई है जिनसे इन शहरो को माननीय मुख्यमंत्री जी की संकल्पना के अनुरूप स्मार्ट एवं सेफ शहरो के रूप में विकसित किया जाना सम्भव हुआ है।
आगरा द्वारा प्रथम स्थान प्राप्त करने के साथ ही प्रदेश के 03 अन्य शहरों ने आॅल इण्डिया रैंकिंग में स्थान प्राप्त किया है, जबकि लखनऊ ने अपने पूर्व स्थान 42 से प्रगति करते हुए 24 वाॅ स्थान प्राप्त किया है। अलीगढ़, सहारनपुर ने भी योजना के कार्यों को गति प्रदान की है। झांसी, मुरादाबाद, सहारनपुर एवं बरेली को अभी और प्रयास करने की आवश्यकता है। इस हेतु निरन्तर अनुश्रवण करते हुये निर्देश समय-समय पर निर्गत किये जायंेगे।


केन्द्र सरकार की ओर से प्रदेश में संचालित स्मार्ट सिटी मिशन के अन्तर्गत जारी की गई रैकिंग में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत प्रदेश के 10 शहरों में से 4 देश भर में टाॅप 10 में जगह बनाने में सफल हुये है।


नगर विकास मंत्री आशुतोष टण्डन ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश के शहरों को स्मार्ट बनाने के लिए योजनाओ के जमीनी अनुपालन पर ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश के चयनित 10 स्मार्ट सिटी शहरों में से 04 शहरों ने टाॅप टेन में स्थान प्राप्त किया है। जबकि माह नवम्बर 2019 की रैंकिंग में केवल कानपुर टाॅप टेन शहरों में सातवें स्थान पर था। माह नवम्बर 2019 में आगरा 12वें, वाराणसी 13वें, प्रयागराज 24वें, लखनऊ 42वें, अलीगढ़ 55 वें, झांसी 65वें, सहारनपुर 79वें, बरेली 88वें एवं मुरादाबाद 100वें स्थान पर था। वर्तमान में आॅल इण्डिया रैंकिंग में प्रदेश के 10 शहरों की स्थिति निम्नवत् हैः-


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खनन पट्टे की, की गई जांच में पाई गई अनेक अनियमितताएं


लखनऊ, निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म उत्तर प्रदेश, डा. रोशन जैकब ने बताया की जनपद बागपत की तहसील बडौ़त के ग्राम बदरखा खादर के गाटा संख्या 1ध्2 दो में संचालित खनन पट्टा (जो, मनीश चैहान पुत्र सुभाष चैहान के पक्ष मे दिनांक 21 फरवरी 2018 से 20 फरवरी 2023 तक की अवधि हेतु स्वीकृत है)के संबंध में प्राप्त शिकायत के संदर्भ में निदेशालय स्तर द्वारा गठित जांच दल से स्थलीय निरीक्षण कराया गया ।स्थलीय निरीक्षण में प्राप्त कमियों का उल्लेख करते हुए जिलाधिकारी बागपत से अपेक्षा की गई है, कि वह जांच आख्या मे प्राप्त विवरण के अनुसार पट्टाधारक के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें।


इस संबंध में उन्होंने बताया की स्वीकृत खनन पट्टा क्षेत्र के सीमा स्तंभ श्सीश् ,श्सी 1श् व डी के दक्षिण व दक्षिण पश्चिम में स्वीकृत क्षेत्र के बाहर 03 पिट्स अवैध खनन पाया गया ।उक्त पिट्स की पैमाइश के अनुसार 98483 घन मी0 अवैध बालू का खनन किया गया है ।खनन योजना एवं पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र में उल्लिखित शर्तो का अनुपालन नहीं किया गया है ।इस संबंध में स्वीकृत खनन क्षेत्र से बाहर 98483 घन मी0अवैध बालू खनन की रॉयल्टी एवं खनिज मूल्य का अधिरोपण करने तथा उत्तर प्रदेश उप खनिज( परिहार )नियमावली के अंतर्गत प्रत्येक चूक के लिए प्रति अवसर 50हजार रूपये की दर से शास्ति देय है।


बताया कि जांच में यह भी तथ्य प्रकाश में आया है कि खनिजों की ओवरलोडिंग किए जाने से खनन क्षेत्र के आसपास की सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं ,जो नियम 41( झ) का उल्लंघन है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश खनिज (परिहार) नियमावली 1963 के नियम -59(6) के अंतर्गत प्रत्येक चूक की दशा में पट्टाधारक पर 25 हजार रूपये की दर से शास्ति देय है।


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