उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने से कम से कम 70 लोगों की मौत

उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में बीते कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है. आकाशीय बिजली की चपेट में आकर उत्तर प्रदेश में कम से कम 41, राजस्थान में 23 और मध्य प्रदेश में छह लोगों की मौत के मामले सामने आए हैं. उत्तर प्रदेश में मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी. प्रधानमंत्री ने मृतकों के लिए दो-दो लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली/जयपुर/फतेहपुर/कौशाम्बी/फिरोजाबाद/भोपाल: देश में में रविवार को कई स्थानों पर हुई बारिश के दौरान आकाशीय बिजली की चपेट में आकर कम से कम 70 लोगों की मौत की खबर है. राजस्थान में इसकी वजह से जहां 23 लोगों की मौत हुई, वहीं उत्तर प्रदेश में 40 से अधिक लोगों की मौत की सूचना है. मध्य प्रदेश में भी छह लोगों की मौत के मामले सामने आए हैं.

दूसरी तरफ, दिल्ली में मानसून का इंतजार जारी रहा. इस बीच सोमवार को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में भारी बारिश के बाद भगसु नाग में बाढ़ आ गई है. पुलिस ने बताया कि भारी बारिश के कारण उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में मकान ढह जाने से एक परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में बीते 36 घंटे के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की वजह से करीब 29 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें से सर्वाधिक आठ लोगों की मौत जमुई में हुई है.

जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से कम से कम 40 लोगों की मौत हुई है. उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त रनवीर प्रसाद ने बताया कि उत्तर प्रदेश के 16 जिलों में आकाशीय बिजली के कारण 41 लोगों की मौत हुई है और 30 लोग घायल हुए हैं. मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी. घायलों को मेडिकल सुविधा भी दी जाएगी.

उन्होंने बताया कि इसके अलावा प्रदेश में 250 पशुओं की मौत हुई है और 20 जानवर घायल हुए हैं.

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में रविवार को अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली की चपेट में आने से पांच लोगों की मौत हो गई जिनमें तीन महिलाएं शामिल हैं. इनके अलावा कौशांबी और फिरोजाबाद जिलों में भी रविवार को आकाशीय बिजली से सात लोगों की मौत हो गई.

फतेहपुर में असोथर थाना के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) नागेंद्र कुमार नागर ने सोमवार को बताया कि रविवार को दिन के करीब ढाई बजे तेज आंधी के साथ हुई बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटना में कौंडर गांव की सोनिया (54), सरकंडी गांव के मजरा दलेवा का डेरा के मथुरा (37) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई.

इसी प्रकार बकेवर थाने के एसएचओ जयचंद्र भारती ने बताया कि आलमपुर गांव की शिवकली (60) की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई. चांदपुर थाने के राजेन्द्र तिवारी ने बताया कि भिखनीपुर गांव की रहने वाली कौशल्या देवी (50) भैंस लेकर जंगल गई थीं, जहां आकाशीय बिजली गिरने से उनकी मौत गई.

गाजीपुर थाना के एसएचओ नीरज यादव ने बताया कि क्षेत्र के बरुआ गांव में दिनेश कुमार पाल (35) की आकाशीय बिजली से मौत हुई है.

इसके अलावा कल्याणपुर थाना प्रभारी (एसएचओ) केशव वर्मा ने बताया कि गुमदापुर गांव के रहने वाले दो सगे भाई ननका व बिंदा खेतों में काम कर रहे थे, तभी कुछ दूरी पर गिरी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से झुलस गए. दोनों को पीएचसी गोपालगंज में इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई. पुलिस ने बताया कि सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.

कौशाम्बी से प्राप्त सूचना के मुताबिक कौशाम्बी थाना क्षेत्र के मुड़िया डोली गांव में खेत में धान की रोपाई के दौरान गिरी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से रुकमा (12) नामक लड़की की मौके पर ही मौत हो गई.

सराय अकिल थाना क्षेत्र के अकबराबाद गुहौली गांव निवासी मूरत ध्वज (50) साइकिल से दवा लेने पुरखास बाजार जा रहे थे कि रास्ते में बारिश होने के कारण वह एक पेड़ के नीचे रुक गए. उसी समय पेड़ पर आकाशीय बिजली गिरी जिसकी चपेट में आने से मूरत ध्वज की मौके पर ही मृत्यु हो गई. इसी थाना क्षेत्र के पुरखास गांव निवासी रामचंद्र (32) की भी खेत में घास काटते वक्त आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई.

जिले के पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र के टिकरी नागी गांव में धान की रोपाई करते समय मयंक सिंह (15) पर आकाशीय बिजली गिरी, जिससे उसकी मौत हो गई. पुलिस अधीक्षक राधेश्याम विश्वकर्मा ने बताया कि सभी शवों को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.

उधर, फिरोजाबाद से प्राप्त सूचना के मुताबिक जिले में दोपहर में हुई बारिश के दौरान गिरी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से खेत में काम कर रहे तीन किसानों की मौत हो गई.

जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने बताया कि शिकोहाबाद के नगला उमर निवासी 50 वर्षीय हेमराज और रामसेवक (40) बारिश से बचने के लिए खेत में नीम के पेड़ के नीचे बैठे थे. तभी, आकाशीय बिजली गिरने से उनकी मौत हो गई.

उन्होंने बताया कि एक अन्य घटना में शिकोहाबाद क्षेत्र के ही नगला चाटं निवासी अमर सिंह (60) की भी आकाशीय बिजली के चपेट में आकर मौत हो गई. शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. सिंह ने बताया कि सभी जगह उप जिलाधिकारियों को नुकसान के आकलन के निर्देश दिए गए हैं जिसके बाद शासन के निर्देश पर मुआवजा देने की कार्रवाई की जाएगी.

एनडीटीवी के मुताबिक, कानपुर और उसके आसपास के जिलों में 18, इलाहाबाद में 14, आगरा में 3, उन्नाव में दो, प्रतापगढ़, वाराणसी और रायबरेली में एक-एक मौत हुई है. कई जगह आकाशीय बिजली की वजह से जानवरों की भी मौत हुई है.

राजस्थान: बिजली गिरने से मरने वालों की संख्या 23 हुई

राजस्थान के जयपुर, झालावाड़, कोटा, सवाई माधोपुर, टोंक, बारां और धौलपुर जिलों में रविवार को आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में सात बच्चों सहित 23 लोगों की मौत हो गई, जबकि 27 अन्य लोग घायल हुए.

राज्य सरकार ने इन हादसों में मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता राशि व घायलों को नियमानुसार मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं.

आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के शासन सचिव आनंद कुमार ने सोमवार को बताया कि राजधानी जयपुर, झालावाड़, कोटा और धौलपुर जिलों में रविवार को आकाशीय बिजली गिरने से सात बच्चों सहित 23 लोगों की मौत हो गई और 27 अन्य लोग घायल हो गए.

आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आकाशीय बिजली गिरने से राजधानी जयपुर में रविवार शाम को एक युवती सहित 12 लोगों की मौत हो गई. वहीं कोटा में चार बच्चों, धौलपुर में तीन बच्चों और झालावाड़, बारां, सवाई माधोपुर और टोंक में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई. आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक गाय और 11 बकरियों सहित 16 पशुओं की जान चली गई.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट किया, ‘राज्य में आकाशीय बिजली गिरने से हुए हादसों में मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपये की सहायता राशि व घायलों को नियमानुसार मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों को प्रभावितों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. इस बेहद दुखद घड़ी में हमारी सरकार प्रभावितों के साथ है.’

वहीं, नागरिक सुरक्षा सचिव कुमार ने बताया कि मृतकों के आश्रितों को अनुग्रह सहायता एवं घायलों के इलाज के लिए एक करोड 65 लाख रुपये संबंधितजिलाधिकारियों को जारी किए गए हैं. इसके तहत 23 मृतकों व 27 घायलों तथा 16 पशु हानि के लिए पशुपालकों को स्वीकृत आर्थिक सहायता सोमवार को ही उपलब्ध करवाने के लिए संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं.

उन्होंने बताया कि जिला कलेक्टर कार्यालय धौलपुर को 20 लाख, सवाई माधोपुर को 10 लाख, जयपुर को 80 लाख, टोंक को 10 लाख, कोटा को 25 लाख, बारां को 10 लाख एवं झालावाड़ को 10 लाख रुपये की राशि जारी की गई है.

राजधानी जयपुर में रविवार देर शाम को आमेर किले के पास आकाशीय बिजली गिरने से 12 लोगों की मौत हो गई थी जबकि आठ अन्य घायल हो गये थे. मृतकों में अधिकतर युवक थे जो किले के पास एक पहाड़ी पर मौसम का आनंद लेने गए थे. उनमें से कुछ लोग वाच टावर पर सेल्फी ले रहे थे जबकि कई लोग पहाड़ी पर मौजूद थे.

मध्य प्रदेश: आकाशीय बिजली गिरने से छह लोगों की मौत, 11 घायल

मध्य प्रदेश के विभिन्न भागों में आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में दो नाबालिग सहित छह लोगों की मौत हो गई जबकि 11 अन्य घायल हो गए.

बिजौली थाना प्रभारी केपीएस यादव ने बताया कि रविवार शाम को ग्वालियर जिले के बिजौली क्षेत्र के सुनारपुरा गांव में मवेशी चरा रहे हाकिम आदिवासी (24) एवं रवि (10) की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई. उन्होंने कहा कि इस हादसे में दो अन्य व्यक्ति शोभाराम और दुर्गाराम झुलस गए, जिन्हें तुरंत ग्वालियर लाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

सेसईपुरा थाना प्रभारी रीना शाक्य ने बताया कि श्योपुर जिले के सेसईपुरा थाना इलाके के टपरियान गांव में पेड़ के नीचे बैठे पिता-पुत्र सहित तीन लोगों पर रविवार शाम को आकाशीय बिजली गिरी, जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गए.

उन्होंने कहा कि इन तीनों को गंभीर हालत में कराहल स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां हरिओम यादव (65) एवं उनके बेटे कुबेर यादव (30) की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि रामखिलौना यादव (50) का इलाज चल रहा है.

अमोला थाना प्रभारी राघवेंद्र सिंह यादव ने बताया कि रविवार शाम को शिवपुरी जिले के ग्राम बरोदी में बकरी चराने गए शिवम राजा (17) की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई.

उन्होंने कहा कि शिवपुरी जिले के बरोदी, सलैया एवं नारही गांवों में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से सात लोग घायल भी हुए हैं, जिन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. उन्होंने कहा कि आकाशीय बिजली गिरने से पांच बकरियां भी मारी गईं.

इनके अलावा शहडोल जिले में केशवाही पुलिस चौकी के बलबहरा गांव में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से खेत में काम कर रहे अमृतलाल चौधरी (35) की मौत हुई है, जबकि एक अन्य व्यक्ति को अनूपपुर में भर्ती किया गया है.

केरल में पांच उत्तरी जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी

केरल में दक्षिण पश्चिम मानसून के सक्रिय होने से रविवार को भी राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश हुई. मौसम विभाग ने पांच उत्तरी जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है.

(फोटो: पीटीआई)

आईएमडी ने केरल और गुजरात के मछुआरों के लिए मौसम संबंधी चेतावनी जारी करते हुए उन्हें अगले दो दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गयी है.

आईएमडी ने कहा कि दक्षिण पश्चिम मानसून को दिल्ली सहित उत्तर भारत में 10 जुलाई तक दस्तक देना था, लेकिन रविवार शाम तक ऐसा नहीं हुआ.

दक्षिण पश्चिम मॉनसून सोमवार को अपने आखिरी पड़ाव में पड़ने वाले जैसलमेर और गंगानगर जिलों तक पहुंच गया, लेकिन दिल्ली और हरियाणा के कुछ हिस्सों में बारिश का अब भी इंतजार है.

दिल्ली के आसपास के क्षेत्रों में से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ और हरियाणा के करनाल में बारिश हुई, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी में बादल मंडराते ही रहे, बरसे नहीं और इस वजह से यहां गर्मी से राहत नहीं मिली है. पश्चिमी राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में राहत की बूंदे बरस गयी हैं.

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि दक्षिण पश्चिम मॉनसून की उत्तरी सीमा (एनएलएम) इस समय जैसलमेर, नागौर, भरतपुर, अलीगढ़, करनाल और गंगानगर से गुजर रही है.

मौसम विभाग ने कहा, ‘पिछले तीन दिन से बंगाल की खाड़ी से नमी वाली पुरवाई हवाओं के चलने से बादलों का दायरा बढ़ गया और पिछले 24 घंटे में कई स्थानों पर बारिश हुई. दक्षिण पश्चिम मॉनसून आगे बढ़ गया है और 12 जुलाई को राजस्थान, पंजाब के अधिकतर स्थानों के साथ ही हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ और स्थानों पर दस्तक दे चुका है.’

आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार से दक्षिण पश्चिम मॉनसून के बादल छाये हुए हैं, हवा का रुख बदल गया है और नमी वाली पुरवाई हवाएं चल रही हैं.

उन्होंने कहा, ‘लेकिन अभी तक वर्षा नहीं हुई. यह बहुत असाधारण स्थिति है.’

महापात्र ने कहा कि दिल्ली में मॉनसून को लेकर सभी स्थितियां बनी हुई हैं और जैसे ही बारिश होती है, मॉनसून के आगमन को लेकर घोषणा की जाएगी.

मौसम विभाग ने पहले कहा था कि दिल्ली में 15 जून को मॉनसून आ जाएगा, लेकिन बाद में उसने अपने पूर्वानुमान में बदलाव कर दिया. पांच जुलाई को आईएमडी ने कहा कि दक्षिण पश्चिम मॉनसून के 10 जुलाई तक दिल्ली पहुंचने के लिहाज से परिस्थितियां अनुकूल हैं. हालांकि 10 जुलाई से बारिश नहीं हुई है.

आईएमडी ने कहा कि वह देश के बचे हुए हिस्सों में मॉनसून की प्रगति पर लगातार नजर रख रहा है.

प्रधानमंत्री ने मौतों पर दुख जताया

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान ओर मध्य प्रदेश के विभिन्न इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने से हुई मौतों पर सोमवार को दुख जताया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की.

प्रधानमंत्री ने इस प्राकृति आपदा में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) दो-दो लाख रुपये और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये मुआवजे की घोषणा की.

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक ट्वीट के मुताबिक मोदी ने कहा, ‘राजस्थान के कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने से कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. इससे अत्यंत दुख हुआ है. मैं मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं.’

एक अन्य ट्वीट में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने से हुई जनहानि हृदयविदारक है. इस त्रासदी में जिन लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, उनके परिजनों के प्रति मैं अपनी शोक संवेदना प्रकट करता हूं. ईश्वर उन्हें इस दुख को सहने की शक्ति दे.’

मध्य प्रदेश में आकाशीय बिजली की घटनाओं में मारे गए लोगों के प्रति दुख जताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रभावितों को हरसंभव मदद पहुंचा रही है. मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में भी बिजली गिरने से अब तक सात लोगों की जान चली गई है.

पीएमओ ने ट्वीट कर बताया कि तीनों राज्यों में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री ने दो-दो लाख रुपये और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की.

बता दें कि पिछले साल मई से 5 जुलाई 2020 तक उत्तर प्रदेश और बिहार में 15 मई के बाद से अब तक आकाशीय बिजली गिरने से 315 लोगों की मौत हुई थी.

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