मोदी सरकार के दो महत्वपूर्ण और दूरदर्शी फैसले- अजीत श्रीवास्तव

 

अजीत श्रीवास्तव

हिंदी दैनिक आज का मतदाता गाजियाबाद दूरदर्शी सरकार ने अपनी दूरदर्शिता का परिणाम देते हुए दिनांक 8 सितंबर 2021 को दो महत्वपूर्ण फैसले लिए पहला फैसला टेक्सटाइल सेक्टर के लिए 10863 करोड रुपए की प्रोडक्शन इंसेंटिव  स्कीम को मंजूरी दी और दूसरा फैसला कैबिनेट ने गन्ना किसानों के लिए ₹290 प्रति क्विंटल के खरीद भाव को मंजूरी दी जो कि अब तक का सबसे ज्यादा भाव है कैबिनेट में मार्केटिंग सीजन 2022/ 23 के लिए रवि फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी बढ़ाया । इन दोनों फैसलों का आने वाले समय में भारत की अर्थव्यवस्था पर बहुत ही अनुभव अनुकूल असर दिखाई देगा जहां एक और पीएलआई स्कीम में भारत के कपड़े उद्योग के निर्यात में तेजी आएगी वही देश में रोजगार सृजन के नए अवसरों को बढ़ावा मिलेगा साथ ही साथ रवि की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ावा किसानों को और आर्थिक आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगा इन दोनों फैसलों को समझने के लिए हमें कुछ बिंदुओं को नजर डालने की आवश्यकता है।क्या है पीएलआई स्कीम और इसका मकसद स्कीम की मदद से ग्लोबल इन्वेस्टर्स को आकर्षित किया जाएगा इससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे साथ ही निर्यात में भी तेजी आएगी भारत के कपड़ा निर्यात में मेन फाइबर यानी mmf का योगदान महज 20 फ़ीसदी है


पीएलआई स्कीम में भारती टैक्सटाइल सेक्टर को ग्लोबल तौर पर कंप्यूटेटिव बनाने में मदद मिलेगी पीएलआई स्कीम 7.5 लाख लोगों को सीधा फायदा पहुंचेगा ।टेक्सटाइल कंपनियां साल दर साल अपना उत्पादन में जितना बढ़ोतरी करेंगे इस बढ़ोतरी के आधार पर सरकार इनको इंसेंटिव देगी भारत के कपड़ा उद्योग की बात करें तो वर्तमान में पाटन का योगदान 80 % और एम एफ का योगदान महज 20 फ़ीसदी है दुनिया के अन्य देश इस मामले में इससे काफी आगे हैं ऐसे में इस सेगमेंट और सेक्टर को प्रमोट करने की जरूरत है पीएलआई स्कीम इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी इस योजना का सीधा लाभ गुजरात, उत्तर प्रदेश महाराष्ट्र ,पंजाब, तमिलनाडु आंध्र प्रदेश तेलंगाना और उड़ीसा जैसे राज्यों को होगा थर्टीन सेक्टर के लिए हो चुका है पीएलआई स्कीम का ऐलान भारत की मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के मकसद से अब तक 13 सेक्टर के लिए पीएलआई स्कीम का ऐलान हो चुका है इस स्कीम को लागू करने का मकसद है कि भारतीय कपड़ा उद्योग में उत्पादन के स्तर में तेजी के साथ वृद्धि हो और उसका असर हमारे कपड़ा निर्यात में भी तेजी से आए इस स्कीम की मदद से कपड़ा उद्योग के लिए मजबूर इकोसिस्टम तैयार होगा इसके अलावा यह सेक्टर बड़े पैमाने पर रोजगार भी पैदा करता है जिसकी अभी देश को सबसे ज्यादा जरूरत है और यह स्कीम सेक्टर में रोजगार के और नए अवसरों को जन्म देगीकिसानों को सरकार ने दी सौगात सरकार ने गन्ना किसानों के लिए ₹290 प्रति क्विंटल के खरीद को मंजूरी दी जो कि अब तक का सबसे ज्यादा भाव है कैबिनेट में मार्केटिंग सीजन 2022/ 23 के लिए रवि फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया है गेहूं के लिए  को 1975 रुपए से बढ़ाकर ₹2015 कर दिया गया है चना के एमएसपी साल 2022 देश के लिए क्या 5100/ प्रति कुंतल से बढ़ाकर ₹5230 प्रति क्विंटल कर दी गई है सरसों की एमएसपी ₹4650 से बढ़ाकर ₹5050 कर दी गई है कुसुम की एमएसपी 5327 रुपए से बढ़ाकर 5441 कर दी गई है मसूर की एमएसपी ₹5100 से बढ़ाकर ₹5500 कर दी गई है बढ़ते हुए एसपी का उद्देश लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना फसलों के विविधीकरण को बढ़ावा देना और किसानों को आत्मनिर्भर तथा स्वावलंबी बनाना है।

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