प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू की 2 योजनाएं, कहा- बाबा साहेब का सपना होगा पूरा

 

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘स्वच्छ भारत मिशन-शहरी’ और ‘कायाकल्प एवं शहरी सुधार के लिए अटल मिशन’ के दूसरे चरण की आज शुरुआत की. इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के दूसरे चरण का मकसद शहर को कचरा मुक्त बनाना है.आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने प्रमुख मिशन की शुरुआत की.

प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि स्वच्छ भारत मिशन और अटल मिशन भारत में तेजी से शहरीकरण की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से समाधान करने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ने का संकेत देने के साथ-साथ सतत विकास लक्ष्य 2030 की उपलब्धि में योगदान करने में भी मददगार होंगे.

पीएम मोदी ने कहा कि बाबा साहेब, असमानता दूर करने का बहुत बड़ा माध्यम शहरी विकास को मानते थे. बेहतर जीवन की आकांक्षा में गांवों से बहुत से लोग शहरों की तरफ आते हैं. हम जानते हैं कि उन्हें रोजगार तो मिल जाता है लेकिन उनकी जिंदगी का स्तर गांवों से भी मुश्किल स्थिति में रहता है. ये उन पर एक तरह से दोहरी मार की तरह होता है. एक तो घर से दूर, और ऊपर से ऐसी हालत में रहना. इस हालात को बदलने पर, इस असमानता को दूर करने पर बाबा साहेब का बड़ा जोर था. स्वच्छ भारत मिशन और मिशन अमृत का अगला चरण, बाबा साहेब के सपनों को पूरा करने की दिशा में भी एक अहम कदम है.

कार्यालय के अनुसार, अटल मिशन के दूसरे चरण का लक्ष्य लगभग 2.64 करोड़ सीवर कनेक्शन प्रदान करके लगभग 2.68 करोड़ नल कनेक्शन और 500 अमृत शहरों में सीवरेज और सेप्टेज का शत-प्रतिशत कवरेज करते हुए लगभग 4,700 शहरी स्थानीय निकायों में सभी घरों में पेयजल की आपूर्ति का शत-प्रतिशत कवरेज प्रदान करना है. इसके मुताबिक, इससे शहरी क्षेत्रों में 10.5 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ होगा. इस अवसर पर आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी और राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों के शहरी विकास मंत्री भी मौजूद थे.

पीएम मोदी ने कहा, हमें ये याद रखना है कि स्वच्छता, एक दिन का, एक पखवाड़े का, एक साल का या कुछ लोगों का ही काम है, ऐसा नहीं है. स्वच्छता हर किसी का, हर दिन, हर पखवाड़े, हर साल, पीढ़ी दर पीढ़ी चलने वाला महाअभियान है. स्वच्छता जीवनशैली है, स्वच्छता जीवन मंत्र है.

टिप्पणियाँ
Popular posts
परमपिता परमेश्वर उन्हें अपने चरणों में स्थान दें, उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें व समस्त परिजनों व समाज को इस दुख की घड़ी में उनका वियोग सहने की शक्ति प्रदान करें-व्यापारी सुरक्षा फोरम
चित्र
भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति में भी ब्राह्मणों के बलिदान का एक पृथक वर्चस्व रहा है।
चित्र
पीपल, बरगद, पाकड़, गूलर और आम ये पांच तरह के पेड़ धार्मिक रूप से बेहद महत्व
चित्र
संसद का शीतकालीन सत्र नहीं होगा, सरकार ने जनवरी में बजट सत्र बुलाने का सुझाव दिया
चित्र
मोदी खुद शहंशाह, मेरे भाई को शहजादा बोलते हैं: गुजरात में प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री पर किया पलटवार
चित्र