ट्रेन से ललितपुर पहुंची प्रियंका ने पीड़ित किसान परिवारों से की मुलाकात और उन्हें ढांढस बंधाया

 



ललितपुर : ललितपुर में पिछले सप्ताह खाद के लिए दुकान के सामने लाइन में लगे एक किसान की मौत हो गई थी. इस समस्या को लेकर आज ललितपुर पहुंची. यहां पर पीड़ित किसानों के परिवारों से मिलकर उनकी पीड़ा साझा की.दरअसल बताया जा रहा है कि उप्र सरकार की कुव्यवस्था से उपजी खाद की कमी के चलते पिछले सप्ताह ललितपुर में खाद के लिए दुकान के सामने लाइन में लगे एक किसान की मौत हो गई थी. वहीं यहां खाद न मिलने के चलते परेशान एक किसान ने आत्महत्या कर ली थी. सभी किसानों ने खेती के लिए भारी-भरकम कर्ज लिए थे और सरकार की नीतियों के चलते कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे थे. खाद न मिलना, मुआवजा न मिलना और फसल बर्बादी से किसानों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं.प्रियंका के ट्विटर हैंडल से इस संबंध में ट्वीट किया गया, बुंदेलखंड, ललितपुर पीड़ित किसान परिवारों से मिलकर उनकी पीड़ा साझा की. इससे पहले प्रियंका रेलवे स्टेशन पर उतरीं. यहां पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप आदित्य जैन सहित कई कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया. उनका काफिला पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंचा, जहां कुछ देर रुकने के बाद मृतक किसानों के परिवार से मिलने के लिए रवाना  हुआ.

कांग्रेस का आरोप है कि ललितपुर समेत पूरे बुंदेलखंड में खाद की किल्लत है. इससे पहले गुरुवार को प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने ट्वीट किया था, किसान मेहनत कर फसल तैयार करे तो फसल का दाम नहीं. किसान फसल उगाने की तैयारी करे, तो खाद नहीं. खाद न मिलने के चलते बुंदेलखंड के 2 किसानों की मौत हो चुकी है. लेकिन किसान विरोधी भाजपा सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगा है. इनकी
नीयत और नीति दोनों में किसान विरोधी रवैया है.
टिप्पणियाँ
Popular posts
परमपिता परमेश्वर उन्हें अपने चरणों में स्थान दें, उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें व समस्त परिजनों व समाज को इस दुख की घड़ी में उनका वियोग सहने की शक्ति प्रदान करें-व्यापारी सुरक्षा फोरम
चित्र
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की आपातकाल बैठक में वर्किंग कमेटी की गई भंग सर्वसम्मति से नए अध्यक्ष चुने गए डॉक्टर अनूप श्रीवास्तव
चित्र
राज्यपाल अनंदीबेन पटेल से से प्रशिक्षु IAS अफ़सरों नज की मुलाक़ात !!
चित्र
भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति में भी ब्राह्मणों के बलिदान का एक पृथक वर्चस्व रहा है।
चित्र
गोवंश का संरक्षण एवं संवर्द्धन राज्य सरकार की प्राथमिकता - धर्मपाल सिंह
चित्र