सभी दागी पुलिसकर्मियों की जांच कर होगी बर्खास्तगी

 


लखनऊ:
 उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की मौत मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले में सियासत भी शुरू हो गई है। इस केस में अबतक कई पुलिसकर्मियों पर गाज गिर चुकी है और उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा भी दर्ज किया गया है। वहीं दूसरी तरफ इस मामले को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी सख्त रुख अपनाया है। टीम-9 की बैठक में सीएम योगी ने पुलिस विभाग को लेकर गुरुवार को अहम निर्देश दिए हैं। सीएम ने एडीजी, कानून व्यवस्था और डीजी इंटेलिजेंस के नेतृत्व में प्रदेश में दो कमेटियां बनाने का निर्देश दिया है।

सीएम योगी ने निर्देश दिया है कि ये दोनों कमेटियां पूरे उत्तर प्रदेश के सभी पुलिसकर्मियों का रिकॉर्ड रिव्यू करेंगी। इसमें जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ जबरन रिटायरमेंट और बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। ये दोनो कमेटियां जल्द से जल्द सीएम योगी को अपनी रिपोर्ट देंगी। मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिया है कि दोगी पुलिस अफसरों, कर्मियों को कोई भी महत्वपूर्ण तैनाती नहीं दी जाए। दरअसल, गोरखपुर के सिकरीगंज के महादेवा बाजार के रहने वाले चंदन सैनी ने बताया कि वह बिजनेस करते हैं। उनके तीन दोस्त गुरुग्राम से प्रदीप चौहान (32) और हरदीप सिंह चौहान (35) और कानपुर से मनीष गुप्ता (30) गोरखपुर घूमने आए थे। 27 सिंतबर की रात रामगढ़ताल थाना पुलिस होटल व सरायों की जांच पर निकली थी। थाने से कुछ दूरी पर स्थित कृष्णा होटल में पुलिस ने एक कमरे की तलाशी ली तो वहां मनीष अपने दो दोस्तों के साथ ठहरा हुआ था।

पूछताछ के दौरान मनीष के दोनों साथियों ने बताया कि वह गुडग़ांव व लखनऊ के रहने वाले हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह कोई गलत व्यक्ति नहीं हैं। उन्होंने पुलिस को अपना आधार कार्ड भी दिखाया। पुलिस के मुताबिक इस दौरान मनीष नींद में उठा और बेड से नीचे गिर गया। पुलिस के अनुसार तीनों युवक नशे में थे। पुलिस मनीष को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर गई। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि युवक के सिर व शरीर पर गंभीर चोट के निशान हैं। मामले में कई पुलिसकर्मियों पर हत्या की एफआईआर हो गई है, वहीं कई निलंबित किए जा चुके हैं।

मृतक व्यापारी की पत्नी बनेंगी ओएसडी

मृतक व्यवसायी मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता के लिए कानपुर विकास प्राधिकरण में ओएसडी पद का गठन किया जाएगा। इसके बाद उन्हें इस पद पर प्रतिनियुक्त किया जाएगा। 28 सितंबर को गोरखपुर के एक होटल में छापेमारी के दौरान मनीष गुप्ता की मौत हो गई थी। मृतक व्यवसायी मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने कहा, सीएम ने मुझे आश्वासन दिया है, उन्होंने खुद मामले को कानपुर स्थानांतरित करने और नई टीम बनाकर यहां इसकी जांच करने की बात कही है। दूसरे पैनल के माध्यम से हो पोस्टमॉर्टम और एफआईआर दर्ज हो। मीनाक्षी गुप्ता ने कहा, उन्होंने मेरी सरकारी नौकरी की मांग स्वीकार कर ली और मेरे बेटे के भविष्य के लिए भी कुछ पैसे देंगे। उन्होंने मुझे सीबीआई जांच के लिए एक आवेदन लिखने के लिए कहा है। मुझे खुशी है कि उन्होंने मेरे परिवार के लिए एक बड़े अभिभावक के रूप में काम किया।

एडीजी ने कहा, भागते हुए गिरे मनीष

वहीं प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक, कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा है कि उस रात एसएसपी, गोरखपुर के आदेश पर होटलों में चेकिंग हो रही थी। चेकिंग के दौरान मनीष गुप्ता आईडी नहीं दिखा पाए थे। पुलिस से बचने के लिए मनीष भागते समय गिर गए थे। इलाज के दौरान मनीष की मौत हो गई।

अखिलेश ने योगी पर साधा निशाना

कानपुर के एक व्यापारी मनीष गुप्ता की कथित तौर पर पुलिसकर्मियों की पिटाई से मौत की घटना का मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है. मामले को लेकर जहां कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस अपराधियों पर नरम है और आम लोगों के साथ बर्बर व्यवहार करती है। वहीं गुरुवार को सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव कानपुर पहुंचे। यहां उन्होंने मृतक मनीष गुप्ता की पत्नी से मुलाकात की। इधर बसपा प्रमुख मायावती ने मनीष गुप्ता की मौते के मामले में सीबीआई जांच की मांग की है।

प्रियंका ने परिजनों से फोन पर की बात

गोरखपुर में पुलिस की कथित पिटाई से हुई एक करोबारी की मौत को लेकर प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया कि गोरखपुर में एक कारोबारी को पुलिस ने इतना पीटा कि उनकी मृत्यु हो गई. इस घटना से पूरे प्रदेश के आमजनों में भय व्याप्त है। उन्होंने कहा कि इस सरकार में जंगलराज का ये आलम है कि पुलिस अपराधियों पर नरम रहती है और आमजनों से बर्बर व्यवहार करती है। बताया जा रहा है कि प्रियंका ने दिवंगत कारोबारी मनीष के परिजनों से फोन पर बात की और दुख व्यक्त किया। उन्होंने इंसाफ दिलाने के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

योगी राज, जंगलराज बन चुका है: आप

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने ट्वीट किया कि योगी पुलिस ने कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की बर्बरता से हत्या कर दी। योगी राज, जंगलराज बन चुका है। मामले की सीबीआई जांच कर दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए व परिवार को 1 करोड़ की सहायता राशि और सरकारी नौकरी दे योगी सरकार। बुधवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया कि गोरखपुर में पुलिस की बर्बरता ने एक युवा व्यापारी की जान ले ली। ये बहुत ही दुखद और निंदनीय है। उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने एनकाउंटर की जिस हिंसक संस्कृति को जन्म दिया है, यह उसी का दुष्परिणाम है। उत्तर प्रदेश को हिंसा में धकेलने वाले इस्तीफा दें।

कारोबारी की मौत शर्मनाक घटना: मायावती

वहीं बसपा अध्यक्ष मायावती ने ट्वीट किया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर की पुलिस द्वारा होटल में रात को छापा मार कर तीन व्यापारियों के साथ बर्बर व्यवहार व उसमें से एक की मौत अति-दु:खद व शर्मनाक घटना है। यह राज्य में भाजपा सरकार के कानून-व्यवस्था के दावों की पोल खोलती है। वास्तव में ऐसी घटनाओं से पूरा प्रदेश पीडि़त है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से पीडि़त परिवार को हर स्तर पर समुचित न्याय देने के साथ-साथ ऐसी अन्य जघन्य घटनाओं को अति-गंभीरता से लेकर इनकी पुनरावृति रोकना सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी उपाय करने की बसपा की मांग।

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