अमरोहा में दुष्कर्म पीड़िता की हत्या, इंस्पेक्टर समेत तीन निलंबित

 


अमरोहा : यूपी के अमरोहा जनपद के ढबारसी इलाके में सितम्बर महीने में दुष्कर्म का शिकार हुई नाबिलग का शव रविवार को खेत में नीम के पेड़ से फंदे पर लटकता मिला. मृतका के परिजनों ने रेप के आरोपी पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आत्महत्या करने की बात सामने आई है.

 


घटना के बाद हरकत में आई पुलिस ने आरोपी मोनू शर्मा, उसकी मां विमला और भाई पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया. पुलिस ने आरोपी की मां को हिरासत में ले लिया है. इस बीच एसपी ने मामले लापरवाही बरतने वाले आदमपुर थाने के इंस्पेक्टर सतीश कुमार आर्य, सिपाही राहुल कुमार और सुमित कुमार को निलंबित कर दिया. एसपी पूनम ने मामले पुलिस की भूमिका की जांच एएसपी को सौंपी है.

बता दें पूरी वारदात आदमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की है. आरोप है कि 25 सितंबर को गांव के ही एक युवक मोनू शर्मा ने घर में घुसकर किशोरी के साथ दुष्कर्म किया था. रविवार सुबह वह खेत पर चारा लेने गई थी. काफी देर बाद भी घर न लौटने पर जब परिजन खजने निकले तो पीड़िता का शव नीम के पेड़ पर फंदे पर लटका मिला. हाथ-पैर भी रस्सी से बंधे थे. इसके बाद माहौल गर्माता देख कई थानों की पुलिस बुलाई गई. काफी मशक्कत के बाद पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज पाई

वहीं परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने दुष्कर्म के मामले में पहले छेडख़ानी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था. लेकिन जब पीड़िता की मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज हुए तो उसका मेडिकल कराकर दुष्कर्म की धाराओं को जोड़ा गया. परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी की गिरफ्तारी न होने की वजह से ही किशोरी की हत्या की गई.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घटना पर दुख जताते हुए सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, अमरोहा में दुष्कर्म की शिकार नाबालिग पीड़िता की हत्या का मामला बेहद गंभीर, दुखद व शर्मनाक है. श्रद्धांजलि! इस संबंध में कुछ भ्रष्ट पुलिसवालों को निलंबित करके यूपी की भाजपा सरकार बच नहीं सकती. दुष्कर्म का आरोपी सितंबर से फरार है। दरअसल उप्र में सरकार ही फरार है. निंदनीय!

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