ओडिशा के बालासोर तट पर ‘अग्नि प्राइम’ मिसाइल का हुआ सफल परीक्षण

 


नई दिल्ली : भारत ने शनिवार को ओडिशा के बालासोर तट पर ‘अग्नि प्राइम’ मिसाइल का सफल परीक्षण किया. यह अग्नि सीरीज की नए जनरेशन वाली एडवांस मिसाइल है, जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है. सतह से सतह पर मार करने वाली इस बैलिस्टिक मिसाइल की मारक क्षमता 1000 से 2000 किलोमीटर की है. इस मिसाइल को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है.

आपको बता दें कि इसी सप्ताह भारत ‘सुपरसोनिक मिसाइल असिस्टेड टॉरपीडो सिस्टम’ का भी सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया था. इस मिसाइल का प्रक्षेपण ओडिशा तट से दूर अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया था. डीआरडीओ ने बताया कि इस प्रणाली को पनडुब्बी रोधी युद्धक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है, जो पारंपरिक टॉरपीडो की रेंज से कहीं अधिक है.

अग्नि सीरीज मिसाइल और उनकी रेंज

अग्नि-1: इसमें एसएलवी-3 बूस्टर का प्रयोग किया गया है इसकी मारक क्षमता 700 किलोमीटर है. इसमें लिक्विड फ्यूल भरा जाता है. 28 मार्च 2010 में इसका पहला परीक्षण हुआ था. यह मिसाइल अपने साथ परमाणु सामग्री ले जाने में सक्षम है.

अग्नि 2: परमाणु क्षमता वाली इस मिसाइल की रेंज 3000 किलोमीटर है. यह अपने साथ 1000 किलो सामग्री तक ले जाने में सक्षम है.

अग्नि 3: अग्नि 3 की मारक क्षमता 3000 किलोमीटर तक है. हालांकि इसे 4000 किलोमीटर तक भी बढ़ाया जा सकता है. इसे 600 से 1800 किलो तक परमाणु सामग्री से लैस किया जा सकता है.

अग्नि 4: 4000 किलोमीटर तक की मारक क्षमता रखने वाली इस मिसाइल की जद में पूरा पाकिस्तान और आधे से ज्यादा चीन आ सकता है. यह भी परमाणु क्षमता वाली मिसाइल है.

अग्नि 5: अप्रैल 2012 को अग्नि 5 का पहला परीक्षण किया गया था. इस मिसाइल के साथ ही भारतीय सेनाएं पूरे चीन को निशाना बना सकने में सक्षम हो गई थीं. इसकी रेंज 5500 किलोमीटर है, जिसे 7000 किलोमीटर तक बढ़ाया जा सकता है.

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