चार धाम प्रोजेक्ट को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी, तीन डबल-लेन हाईवे बनाने की मिली इजाजत

 

नई दिल्ली : उत्तराखंड में चार धाम सड़क परियोजना के लिए सुप्रीम कोर्ट ने इजाजत दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ने आज केंद्र सरकार को चार धाम सड़क परियोजना के लिए तीन डबल-लेन हाईवे बनाने की इजाजत दी है. दरअसल, केंद्र सरकार ने इससे पहले इंडो चाइना सीमा की ओर जाने वाली सड़क को चौड़ा करने की मांग की थी.

चीन से बढ़ती चुनौतियों के मद्देनजर रक्षा मंत्रालय ने किया था आग्रह

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि हाल के दिनों में सीमाओं पर सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौतियां सामने आई हैं. यह अदालत सशस्त्र बलों की ढांचागत जरूरतों का दूसरा अनुमान नहीं लगा सकती है.

शीर्ष अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एके सीकरी के नेतृत्व में एक समिति का भी गठन किया है, जो यह सुनिश्चित करेगी कि पर्यावरण के हित में सभी उपचारात्मक उपाय किए जाएं और परियोजना के साथ आगे बढ़ते हुए समिति की सिफारिशों को लागू किया जाए. निगरानी समिति को रक्षा मंत्रालय, सड़क परिवहन मंत्रालय, उत्तराखंड सरकार और सभी जिलाधिकारियों से पूरा सहयोग मिलेगा.

अब हाईवे को चौड़ा किया जा सकेगा

केंद्र ने इससे पहले सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि चारधाम राजमार्ग परियोजना में सड़कों को चौड़ा करने की जरूरत है. ये राजमार्ग चीन की सीमा तक जाता है और वहां आने वाली मुश्किलों को देखते हुए ऐसा करना जरूरी है. रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 900 किलोमीटर लंबी चारधाम राजमार्ग परियोजना का उद्देश्य उत्तराखंड के चार तीर्थ नगरों यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ को हर मौसम में संपर्क प्रदान करना है.

 


एक गैर सरकारी संगठन ‘सिटीजन्स फॉर ग्रीन दून’ ने सड़क को 10 मीटर तक चौड़ा करके डबल लेन बनाने को चुनौती दी थी. कोर्ट ने देश की रक्षा जरूरतों के आधार पर सरकार की अधिसूचना को सही ठहराया. हालांकि पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं पर नजर रखने के लिए पूर्व जस्टिस एके सीकरी की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है. यह समिति सीधे सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट देगी.

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