राष्ट्रपति नहीं, फिर मुख्यमंत्री बनना चाहती हैं मायावती

 


लखनऊ: मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि अगर मेरा दलित वोटर चाहे तो दोबारा मुझे मुख्यमंत्री बना सकता है. मैं बाबा साहेब निर्देशों पर चलकर आगे बढ़ रही हूं. इसके अलावा मायावती ने सपा मुखिया अखिलेश यादव के एक बयान पर पलटवार करते हुये कहा कि सपा जबरन मुझे राष्ट्रपति बनाने के लिए प्रयास कर रही हैं.

राष्ट्रपति का पद मंजूर नहीं

मायावती ने कहा मैं राष्ट्रपति बनने का सपना नहीं देख सकती, क्योंकि मैं ऐश और आराम की जिंदगी नहीं चाहती, मैंने अपनी जिदंगी बाबा साहब भीमराव अंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के रास्ते पर चलकर दबे-कुचले लोगों को अपने पैरे को खड़ा करने के लिए समर्पित की है. यह इनको मालूम होना चाहिए.

यह भी सब जानते हैं कि यह काम मैं देश का राष्ट्रपति बनकर नहीं बल्कि यूपी की सीएम और देश का पीएम बनकर कर सकती हूं. दरअसल, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बसपा सुप्रीमो मायावती पर निशाना साधते हुए कहा था कि उन्होंने अपना वोट बीजेपी को दे दिया है. देखिए बीजेपी उन्हें राष्ट्रपति बनाती है या नहीं.

स्मारकों-पार्कों की हो देखभाल

मायावती ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि मैंने स्मारकों की खस्ता हालात में सीएम को चिट्ठी भेजा. साथ ही सतीशचंद्र और उमाशंकर को भेजा. बता दें कि बसपा महासचिव सतीश चन्द्र मिश्रा आज जब सीएम योगी से मुलाकात करने पहुंचे तो सियासी सरगर्मियां तेज हो गयीं.

इसके तुरंत बाद बसपा प्रमुख मायावती ने जब प्रेसवार्ता की बुलाई तो लोगों को यकीन होने लगा कि बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्र और इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह भी भाजपा में जा रहे हैं. लेकिन बाद में बताया गया कि मुख्यमंत्री से स्मारकों को और बेहतर बनाने और विकास कार्यों को लेकर चर्चा के लिए मुलाकात की. बसपा महासचिव सतीश चन्द्र मिश्रा ने मुख्यमंत्री से बसपा कार्यालय में बने स्मारकों और पार्कों की देखभाल की उपेक्षा की. वहीं मायावती ने कहा कि, बसपा कार्यालय की व्यवस्था बदहाल हो गयी है जिसे ठीक किया जाये.

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