आरबीआई ने दो साल बाद रेपो रेट में की 0.40 फीसदी की बढ़ोतरी

 


मुंबई, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेपो रेट में 0.40 फीसदी बढ़ोत्तरी का ऐलान किया है. इस बढ़ोतरी के बाद रेपो रेट बढ़कर 4.40 फीसदी हो गया. रेपो रेट में बढ़ोतरी तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है. रिजर्व बैंक की ओर से उठाए गए इस कदम के बाद होम लोन महंगे हो जाएंगे.

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को अचानक प्रेस कांफ्रेंस की. रेपो रेट में बढ़ोतरी के फैसले का ऐलान करते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि जिंसों और वित्तीय बाजारों में कमी और अस्थिरता के हालात और गंभीर होते जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक ने उदार रूख को वापस लेने के इरादे की घोषणा की थी.

रेपो रेट में बढ़ोतरी करने के बाद गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव की वजह से महंगाई बढ़ रही है. इसलिए आरबीआई ने महंगाई को काबू में करने के लिए अनियत नीतिगत समीक्षा में रेपो रेट में 40 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है.

उन्होंने कहा कि महंगाई का दबाव सभी देशों में पर है और वहां के केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाकर इसे काबू करने का प्रयास कर रहे हैं. नीतिगत फैसलों को लेकर हमारा रुख अब भी नरम है, लेकिन महंगाई को घटाकर आर्थिक प्रगति का रास्ता बनाने के लिए रेपो रेट में बढ़ोतरी करना जरूरी हो गया था.

गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने तत्काल प्रभाव से रेपो रेट में 40 बेसिस प्वाइंट्स की वृद्धि के लिए सर्वसम्मति से मतदान किया है. उन्होंने कहा कि रेपो रेट में बढ़ोतरी करने के पीछे का मकसद मध्यम अवधि में आर्थिक वृद्धि संभावना को मजबूत और सुदृढ़ करना है. उन्होंने कहा कि मौद्रिक रुख अब भी नरम बने हुए हैं. उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने नकद आरक्षित अनुपात को 0.5 फीसदी बढ़ाकर 4.50 फीसदी किया, जो 21 मई से लागू होगा.

आरबीआई गवर्नर ने एमपीसी की बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि मार्च 2022 में खुदरा महंगाई तेजी से बढ़ी और 7 फीसदी पर पहुंच गई. खासकर खाने-पीने की चीजों की महंगाई के कारण हेडलाइन सीपीआई इंफ्लेशन यानी खुदरा महंगाई तेजी से बढ़ी है. उन्होंने कहा कि वैश्विक पुनरुद्धार डगमगा रहा है. विदेशी मुद्रा भंडार 600 अरब डॉलर से अधिक के ऊंचे स्तर पर बना हुआ है. लोन से जीडीपी निचले स्तर पर है.

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