आयकर पर पांच बड़े एलान, सात लाख तक टैक्स नहीं, स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ा और लीव एनकैशमेंट पर भी फायदा

मध्यम वर्ग को आम बजट में जिस राहत का तीन साल से इंतजार था, वह आखिरकार मिल गई। लोकसभा चुनाव से ठीक एक साल पहले पेश हुए आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पांच बड़ी घोषणाएं कीं।



इनकम टैक्स। वेतनशुदा मध्यमवर्ग के लिए सबसे तकलीफदेह यही होता है। इस मध्यम वर्ग के लिए कम से कम इनकम टैक्स के मामले में कुछ अच्छे दिन आते दिख रहे हैं। वजह है वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण में आयकर को लेकर पांच बड़े एलान। आइए इस बारे में बारी-बारी से जानते हैं...



1. अब सात लाख तक कोई टैक्स नहीं
अभी जिनकी पांच लाख रुपये की कर योग्य आमदनी है, उन्हें दोनों कर व्यवस्था में कोई टैक्स नहीं देना होता था। अब यह लिमिट सात लाख रुपये होगी। छूट की यह सीमा नई कर व्यवस्था में बढ़ाई गई है। पुराने रिजीम के स्लैब में बदलाव को लेकर कोई एलान नहीं किया है।


2. इनकम टैक्स का स्लैब बदला
नए रिजीम में आयकर में छूट की शुरुआती सीमा को बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दिया गया है। पहले यह सीमा ढाई लाख रुपये थी।

क्या होगा फायदा: इससे नई व्यवस्था में शामिल होने वाले करदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी। किसी व्यक्ति की अगर सालाना आमदनी नौ लाख रुपये है तो उसे 45 हजार रुपये ही टैक्स देना होगा। यह उसकी आमदनी का पांच फीसदी ही होगा। उसे 25 फीसदी कम टैक्स देना होगा। पहले जहां उसे 60 हजार रुपये टैक्स देना होता था। अब उसकी जगह 45 हजार ही टैक्स देना होगा। इसी तरह अगर किसी की 15 लाख की सालाना आमदनी है तो उसे 1.5 लाख रुपये ही टैक्स देना होगा। यह उसकी आमदनी का 10% होगा। उसे अब 20 फीसदी कम टैक्स चुकाना होगा। पहले उसे 1,87,500 रुपये टैक्स देना होता था।. स्टैंडर्ड डिडक्शन
पेंशनर्स, फैमिली पेंशनर्स और तय वेतन पाने वाले लोगों को नई व्यवस्था में स्टैंडर्ड डिडक्शन में थोड़ी राहत मिलेगी। अगर आपकी आय 15.58 लाख रुपये या उससे ज्यादा है तो स्टैंडर्ड डिडक्शन में 52,500 रुपये का फायदा होगा। पहले स्टैंडर्ड डिडक्शन 50,000 रुपये था। 

4. सुपर रिच टैक्स घटा
सबसे ज्यादा आमदनी वालों के लिए टैक्स रेट 42.74% है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा था। इसे अब घटाकर 37% किया जा रहा है। अब यह भी जान लेते हैं कि यह फायदा मिलेगा कैसे? दरअसल, सुपर रिच लोगों के लिए हायर सरचार्ज रेट को 37% से घटाकर 25% किया जा रहा है। इस तरह पहले 42.74% लगने वाला सुपर रिच टैक्स अब 37% होगा।

5. लीव एनकैशमेंट
गैर-सरकारी वेतनशुदा कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर लीव एनकैशमेंट में आयकर छूट की सीमा 2002 में तीन लाख रुपये तय की गई थी। उस वक्त सरकार में उच्चतम बेसिक पे 30 हजार रुपये होती थी। इस सीमा को बढ़ाकर 25 लाख रुपये किया जा रहा है। यानी 25 लाख रुपये तक के लीव एनकैशमेंट पर टैक्स नहीं लगेगा।

इनकम टैक्स से जुड़ीं अन्य बातें
  • नए इनकम टैक्स रिजीम को डिफॉल्ट रिजीम बना दिया जाएगा, लेकिन पुरानी व्यवस्था में भी जा सकेंगे।
  • आयकर रिटर्न 2013-14 में 93 दिन में प्रोसेस हो रहे थे, अब 16 दिन में ही हो रहे हैं। 45% रिटर्न तो 24 घंटे में ही प्रोसेस कर दिए गए। टैक्स पोर्टल पर एक दिन में अधिकतम 72 लाख रिटर्न प्राप्त हुए थे।Union Budget 2023: संसद में बुधवार, एक फरवरी, 2023 को आगामी वित्त वर्ष 2023-24 के लिए केंद्रीय बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शिक्षा जगत, रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता प्रोत्साहन के लिए कई बड़ी एवं अहम घोषणाएं कीं। एकलव्य मॉडल स्कूलों के लिए बजट 2022-23 के दो हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2023-24 के लिए 5943 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, जिला स्तर पर शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए डिस्ट्रिक्ट इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। 

    राज्यों के साथ पंचायत और वार्ड स्तर तक पुस्तकालय खोलने की योजना

    केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट घोषणा में कहा कि अगले तीन वर्षों में, सरकार आदिवासी छात्रों को समर्थन देने वाले 740 एकलव्य मॉडल स्कूलों के लिए 38,800 शिक्षकों और सहायक कर्मचारियों को नियुक्त करेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि 2014 से स्थापित मौजूदा 157 मेडिकल कॉलेजों के साथ कोलोकेशन में 157 नए नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। वहीं, राज्य सरकारों के साथ मिलकर ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर तक पुस्तकालय खोलने की दिशा में काम किया जाएगा।  

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए तीन उत्कृष्ट संस्थानों की स्थापना

    केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट भाषण में घोषण की कि भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए तीन उत्कृष्ट संस्थानों की स्थापना की जाएगी। ये तीन अलग-अलग प्रमुख संस्थानों में स्थापित होंगे। कृषि, स्वास्थ्य और शहरी विकास के लिए यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम होगा। 
     

    पीएम कौशल विकास योजना 4.0 लॉन्च होगी

    केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि आईसीएमआर के साथ कृषि, स्वास्थ्य और टिकाऊ शहरों के क्षेत्रों में उद्योग जगत की अग्रणी कंपनियां इंटर-डिसिप्लिनरी रिसर्च करने, अत्याधुनिक एप्लिकेशन विकसित करने और स्केलेबल प्रॉब्लम सॉल्विंग में भागीदार बनेंगी। वहीं, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 लॉन्च की जाएगी। युवाओं को ग्लोबल स्तर पर नौकरियां दिलाने के लिए 30 स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। 

    यह भी पढ़ें : Uniion Budget 2023 कितना 'पढ़ा-लिखा'? 

    Budget 2023 भाषण में शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार से जुड़ी प्रमुख बातें - 


    अगले तीन साल में 47 लाख युवाओं को राष्ट्रीय प्रशिक्षुता योजना यानी नेशनल अप्रेंटिस स्कीम का लाभ मिलेगा। 

    लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को स्किल सुधारने का मौका मिलेगा। इसके तहत कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए मिशन कर्मयोगी योजना का एलान किया गया है।

    आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के तीन उत्कृष्टता केंद्र यानी सेंटर ऑफ इंटेलीजेंस देश के बड़े विश्वविद्यालयों में खोले जाएंगे। 

    मत्स्य पालन के क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार 60,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

    बजट में राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी बनाने की घोषणा की गई है। 

    डिजिटल लाइब्रेरी के लिए एनबीटी यानी राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की ओर से किताबें मुहैया कराई जाएंगी।

    राज्य सरकारों के साथ मिलकर ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर तक पुस्तकालय खोलने की दिशा में काम किया जाएगा।  

    जिला स्तर पर शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए डिस्ट्रिक्ट इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग को बढ़ावा दिया जाएगा।
     

    बजट में वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। 

    मेडिकल कॉलेजों को रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग के लिए तैयार किया जाएगा।

    साक्षरता के लिए गैर सरकारी संगठनों के साथ मिलकर काम किया जाएगा।  

    फार्मा सेक्टर में रिसर्च गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए नई रिसर्च योजना का एलान किया गया है। 

    एकलव्य मॉडल रेजीडेंशियल स्कूलों के लिए बजट 2022-23 के दो हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2023-24 के लिए 5943 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को मोदी सरकार का नौवां बजट पेश किया। इसमें उन्होंने कई बड़ी योजनाओं का एलान किया, वहीं कई तरह के पुराने शुल्कों को हटाने का भी एलान किया। एलान के मुताबिक, अब सरकार सिगरेट पर आकास्मिकता शुल्क को बढ़ाएगी। इसे फिलहाल 16 फीसदी बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा वित्त मंत्री ने कहा कि प्रयोगशालाओं में निर्मित हीरों को बढ़ावा देने के लिए सीमा शुल्क में छूट दी जाएगी, जिससे इनकी कीमतों में भी गिरावट आएगी।

    क्या महंगा?
    • सिगरेट पर आकास्मिकता शुल्क को 16 फीसदी बढ़ाया गया।
    • ब्लेंडेड सीएनजी पर जीएसटी हटेगा, कीमतों में आएगी कमी
    • कंपाउंडेड रबड़ पर बेसिक इंपोर्ट ड्यूटी 10 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी की गई। महंगा होगा।
    • सोने के बार से बने आभूषणों पर कस्टम ड्यूटी में इजाफा
    • किचन में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रॉनिक चिमनी पर कस्टम ड्यूटी 7.5% से बढ़ाकर 15% की गई।

    क्या सस्ता?
    • प्रयोगशालाओं में निर्मित हीरों को बढ़ावा देने के लिए सीमा शुल्क में छूट।
    • मोबाइल पुर्जों और कैमरा लेंसों के आयात शुल्क में छूट का प्रावधान। हरित मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए आयात सीमा शुल्क में छूट। 
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