मध्य प्रदेश: कांग्रेस ने दलबदलुओं पर दिखाया भरोसा, पार्टी में ही उठ रहे हैं बग़ावती सुर


 मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को कांग्रेस की दूसरी सूची जारी होने के साथ 230 विधानसभा सीटों में से 229 पर इसके प्रत्याशियों के नाम साफ़ हो गए हैं. हालांकि, टिकट वितरण को लेकर विरोधी स्वरों के बीच पार्टी द्वारा 'सर्वे कर टिकट बांटने' के दावे पर भी सवाल उठ रहे हैं.भोपाल: गुरुवार देर रात कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में 88 उम्मीदवारों की अपनी दूसरी सूची जारी कर दी. इससे पहले 15 अक्टूबर को उसने 144 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी. खास बात यह है कि पहली सूची में जारी किए गए तीन नामों को दूसरी सूची में बदला गया है. इस तरह कांग्रेस ने अब तक राज्य की 230 विधानसभा सीटों में से 229 पर अपने उम्मीदवारों के चेहरे साफ कर दिए हैं. केवल बैतूल ज़िले की आमला सीट पर अभी उम्मीदवार के नाम की घोषणा होना बाकी है.

आमला सीट को लेकर पेंच फंसा हुआ है क्योंकि छतरपुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे इस्तीफा देकर चुनाव लड़ने की इच्छुक हैं, लेकिन सरकार ने उनका इस्तीफा मंजूर किया है, जिसके बाद मामला अदालत में है.

33 फीसदी महिला आरक्षण की चर्चाओं के बीच कांग्रेस ने 229 में से केवल 29 सीट पर महिलाओं को टिकट दिया है (निशा बांगरे का इस्तीफा मंजूर होने पर यह संख्या 30 हो सकती है), यानी केवल करीब 13 फीसदी महिलाओं को कांग्रेस ने टिकट दिया है.

2018 से तुलना करें तो इस बार 94 सीटों पर कांग्रेस ने नए प्रत्याशी उतारे हैं, जबकि 135 सीट पर पुरानों पर ही भरोसा जताया गया है. 12 विधायकों के टिकट भी काटे हैं, जबकि कम से कम 15 दलबदलुओं पर भी भरोसा जताया गया है.

जिन 12 विधायकों के टिकट काटे गए हैं, उनमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया की जगह उनके बेटे विक्रांत भूरिया को झाबुआ से और आरिफ अकील के बेटे आतिफ अकील को भोपाल उत्तर से उम्मीदवार बनाया गया है. जबकि, कटंगी टामलाल सहारे उम्र का हवाला देते हुए काफी पहले चुनाव लड़ने से इनकार कर चुके थे.देखा जाए तो कुल मिलाकर 9 विधायकों को टिकट से हाथ धोना पड़ा है जिनमें गुन्नौर से विधायक शिवदयाल बागरी, गोहद से मेवाराम जाटव, विजयराघवगढ़ से पद्मा शुक्ला, ब्यावरा से रामचंद्र दांगी, सेंधवा से ग्यासी लाल रावत, मुरैना से राकेश मावई, सुमावली से अजब सिंह कुशवाह, बड़नगर से मुरली मोरवाल, घोड़ाडोंगरी से ब्रह्म भलावी के नाम शामिल हैं.

यहां कटंगी और सेंधवा सीट का जिक्र करना जरूरी हो जाता है. कटंगी से कांग्रेस ने पूर्व भाजपा सांसद बोध सिंह भगत को उम्मीदवार बनाया है. वह कुछ समय पहले ही भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे. वहीं, सेंधवा में पार्टी ने आदिवासी वर्ग के बीच लोकप्रिय क्षेत्रीय संगठन जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) के पदाधिकारी मोंटू सोलंकी को मैदान में उतारा है.

गौरतलब है कि ऐसी चर्चाएं थीं कि कांग्रेस और जयस के बीच सीट बंटवारे को लेकर असहमति की स्थिति है, इसी लिए उम्मीदवारों की पहली सूची में पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक और मनावर से मौजूदा विधायक हीरालाल अलावा का नाम नहीं था.

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