उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक उन्नयन, स्वावलंबन और सशक्तिकरण के लिए पूरी संवेदनशीलता व गम्भीरता से काम कर रही है- केशव प्रसाद मौर्य

 



प्रदेश की समस्त  ग्राम पंचायतों में चल रहा है, वन ग्राम पंचायत - वन विद्युत सखी अभियान  विद्युत सखियों को मीटर रीडिंग के कार्य में जोड़े जाने की पहल की जा रही  हैउत्तर प्रदेश में विद्युत  सखियों ने विद्युत  बिल कलेक्शन से  कमाये , करोड़ों रूपयेउत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री  केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक उन्नयन, स्वावलंबन और सशक्तिकरण के लिए  पूरी  संवेदनशीलता व गम्भीरता से काम कर रही है। ग्राम्य विकास विभाग ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण अजीविका मिशन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अनेक प्रकार के आमदनी के साधनों से सशक्त बनाने का कार्य कर रही है और इसका एक उदाहरण 'विद्युत सखी' कार्यक्रम है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू किए गए इस कार्यक्रम से महिलाएं स्वावलंबी  हो रही हैं। राज्य ग्रामीण आजीविका  मिशन  के तहत चयनित विद्युत सखियों द्वारा जहां एक ओर  जहां एक ओर अपनी  आय  बढ़ाना है वहीं  डिस्कॉम (बकाया) का राजस्व बढ़ाना  है।इसमें उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड के साथ अभिसरण के माध्यम से आजीविका संवर्धन एंव महिलाओं के आय सृजन हेतु उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य  की प्रेरणा और  मार्गदर्शन के फलस्वरुप प्रदेश के सभी 75 जनपदों के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत बिलों के कलेक्शन का कार्य स्वयं सहायता समूह के अंतर्गत विद्युत सखियों के माध्यम से कराया जा रहा है।
योजना के अंतर्गत महिला सदस्यों ने विभिन्न गाँवों में बिजली बिलों के कलेक्शन का कार्य स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किया है,  अब तक कुल 15,521 महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्यों का चयन किया गया है, जिसमें से 10,215 सक्रिय सदस्यों द्वारा रुपये 613.57 करोड़ का बिल कलेक्शन किया गया है। इस कलेक्शन पर कुल रुपये 9.23 करोड़ का कमीशन विद्युत सखियों को प्राप्त हुआ है। इस योजना के अंतर्गत काम करने वाली स्वयं सहायता समूहों की विद्युत सखियों ने इस वर्ष 263.63 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है, जिसमें विद्युत सखियों को 4.14 करोड़ रुपये का कमीशन मिला है।

सरकार की इस योजना से ग्रामीण और सुदूर इलाकों में रहने वाले ग्राम वासियों को भी लाभ मिल रहा है। यहां के निवासियों को दूर—दराज बिजली का बिल जमा करने के लिए विद्युत केन्द्रों पर आना जाना पड़ता था। अब विद्युत सखियां बिल कलेक्शन के लिए उनके घरों पर पहुंचती हैं और धनराशि जमा करने की सहूलियत प्रदान करती हैं। मोबाइल एप 'विद्युत सखी' के माध्यम से विद्युत बिल जमा करने की सुविधा को लेकर ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं में खुशी है और सरकार की इस योजना की सराहना की जा रही है।इसके साथ ही, 'sakhibillpay.co.in' नामक वेब पोर्टल के माध्यम से सरकार ने योजना की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी स्तरों पर निगरानी बनाए रखी है, प्रदेश की समस्त  ग्राम पंचायतों में  वन ग्राम पंचायत - वन विद्युत सखी अभियान  चल रहा है,
विद्युत सखियों को मीटर रीडिंग के कार्य में जोड़े जाने की पहल की जा रही  है।


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