भारतीय विदेश सेवा का प्रतिनिधि मण्डल ने पर्यटन मंत्री से की मुलाकात



उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  जयवीर सिंह से भारतीय विदेश सेवा के तीन सदस्य  पीयूष श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव विदेश मंत्रालय  विपुल, भारतीय राजदूत दोहा एवं  अनुराग श्रीवास्तव संयुक्त सचिव विदेश मंत्रालय ने पर्यटन भवन में मुलाकात की। उत्तर प्रदेश में पर्यटन की बढ़ती सम्भावनाओं के दृष्टिगत इसको विदेशों तक पहुंचाने सम्बंधी विषय पर पर्यटन मंत्री जी ने डेलिगेशन को चर्चा में विस्तारपूर्वक  बताया कि आप  सभी सदस्य उतर प्रदेश की निवासी है, यहाँ  के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलो के बारे में पहले से परिचित है यहाँ की विरासत एवं परम्परा को प्रदेश के ब्रांड एंबेसडर के रूप में विभिन्न देशो को प्रदेश की सनातन संस्कृति एव पर्यटन के बढ़ते अभिनव कदम से परिचित करवाने का कार्य करें तथा लोगो को प्रदेश घूमने हेतू प्रेरित करें

इस दौरान प्रमुख सचिव पर्यटन  मुकेश मेश्राम भी उपस्थित रहे। प्रतिनिधि मण्डल ने बताया कि भारतीय मूल के लोग बड़ी संख्या में विदेशों में रहते हैं, जिनको उत्तर प्रदेश में हो रहे पर्यटन विकास के बारे में जानकारी देते हुए पर्यटन क्षेत्र को और अधिक विकसित एवं मजबूत किया जा सकता है। इस दौरान पर्यटन विभाग की ओर से तैयार किये गये प्रजेंटेशन को भी प्रतिनिधि मण्डल को दिखाया गया और उन विषयों को रेखांकित किया गया कि विदेशी पर्यटकों को कैसे अधिक से अधिक उत्तर प्रदेश की तरफ आकर्षित किया जाय। डेलिगेशन ने अपने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी पर्यटन मंत्री एवं प्रमुख सचिव के समक्ष रखा।प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम ने बताया कि भारतीय विदेश सेवा का प्रतिनिधि दल 22 दिसम्बर, 2023 तक प्रदेश में रहकर मिड कैरियर टेªनिंग प्रोग्राम का आयोजन करेगा। जिसका उद्देश्य पर्यटन के क्षेत्र में हो रहे विकास को और आगे बढ़ाना है। देश-दुनिया के पर्यटकों को यूपी टूरिज्म से अवगत कराना है। उन्होंने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री जी के कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में लगातार विकास कर रहा है। आज अयोध्या में बन रहा राम मंदिर पूरे देश दुनिया का आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। साथ ही मथुरा एवं काशी में भी पर्यटन के क्षेत्र में लगातार तेजी से काम चल रहा है। आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में देश में अग्रणी भूमिका का निर्वहन करेगा।
सम्पर्क सूत्र-आशीष

टिप्पणियाँ