बंद डिब्बे वाले भोजन से आम नागरिक बचाव करें डॉ मनीष काक

 

डॉ मनीष काक

गाजियाबाद नेहरू नगर एक संक्षिप्त वार्ता के अंतर्गत पेट लीवर और आत रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मनीष काक ने कहा कि वर्तमान समय में जितना भी हो सके हर नागरिक बंद डिब्बे वाले भोजन से बचाव करें डॉ मनीष काक ने कहा कि बंद डिब्बे वाले भोजन के अंदर भोजन को केमिकल के माध्यम से ताजा रखने का जो गलत प्रयास किया जा रहा है वह किसी भी नागरिक के लिए अच्छा नहीं है आज लोग अत्यधिक व्यस्त होने के कारण घर का बना हुआ ताजा खाना नहीं खा पाते हैं लोग भूख मिटाने के लिए पिज़्ज़ा बर्गर या ऐसे बहुत सारे आइटम जो बंद डिब्बों में बाजार में तुरंत मिल जाते हैं उनसे ही अपनी भूख को शांत कर लेते हैं जबकि इस तरह के भोजन  वर्तमान परिपेक्ष में शरीर के लिए बिल्कुल ही अनुचित है और इस कारण धीरे-धीरे पेट के अंदर लीवर और आत में कई बीमारियों का पनपना   प्रारंभ हो जाता है जो कि मरीज को  बहुत ही देर में मालूम पड़ता है डॉक्टर मनीष काक ने कहा कि बहुत आवश्यक है कि हम लोग व्यायाम करें सादा और स्वस्थ भोजन की आदत डालें जिससे उनका पेट स्वस्थ रहेगा और वह बीमारियों से बचे रहेंगे, देखा  यही जाता है कि जैसे-जैसे हमारा जनजीवन 21वीं सदी में  आगे बढ़ रहा है हम लोग शारीरिक कार्यों को बहुत ही कम  प्राथमिकता देते हैं बैठे-बैठे कंप्यूटर पर या लैपटॉप पर काम करते हैं बैठे-बैठे खाने का ऑर्डर दे देते हैं गाड़ी चलाते हैं या बाइक चलाते हैं ऐसी स्थिति में शरीर की मांसपेशियों का जो काम होना चाहिए वह बिल्कुल ना के बराबर है और उसके ऊपर से हम लोग बंद  डिब्बे के भोजन  को प्राथमिकता देते हैं जबकि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए व्यायाम बहुत आवश्यक है और पेट को स्वस्थ रखने के लिए घर के बना हुआ खाने को ज्यादा से ज्यादा प्राथमिकता देना आवश्यक है यदि हर नागरिक जीवन शैली में  बदलाव लाता है घर का बना हुआ खाना खाता हैं  तो वह  स्वस्थ रहेगा और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में प्रयोग करेगा

टिप्पणियाँ
Popular posts
परमपिता परमेश्वर उन्हें अपने चरणों में स्थान दें, उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें व समस्त परिजनों व समाज को इस दुख की घड़ी में उनका वियोग सहने की शक्ति प्रदान करें-व्यापारी सुरक्षा फोरम
चित्र
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की आपातकाल बैठक में वर्किंग कमेटी की गई भंग सर्वसम्मति से नए अध्यक्ष चुने गए डॉक्टर अनूप श्रीवास्तव
चित्र
भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति में भी ब्राह्मणों के बलिदान का एक पृथक वर्चस्व रहा है।
चित्र
पीपल, बरगद, पाकड़, गूलर और आम ये पांच तरह के पेड़ धार्मिक रूप से बेहद महत्व
चित्र
ईद उल अजहा की पुरखुलूस मुबारकबाद -अजय गुप्ता महासचिव केमिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन
चित्र