वर्तमान में कैंसर का इलाज संभव है वैध रूपचंद नागर

 

वैध रूपचंद नागर

गाजियाबाद वसुंधरा समाजसेवी, पर्यावरण पुरुष एवं वैध रूपचंद नागर ने एक संक्षिप्त वार्ता के अंतर्गत कहां की वर्तमान परिपेक्ष में आज कैंसर लाइलाज बीमारी नहीं है इसका इलाज संभव है बशर्ते मरीज अपने आत्मविश्वास का प्रयोग करें  परहेज करे , रूपचंद नागर ने कहा कि हमारे भारत देश की  मिट्टी में प्राकृतिक रूप से इतनी जड़ी बूटियां है जो कि हर रोग को दूर भगाने की क्षमता रखती है ,हम सभी को याद होगा कि जब त्रेता युग में भगवान लक्ष्मण को मेघनाथ के द्वारा मूर्छित किया गया था तो उसे वक्त वेद सुषेण ने जड़ी बूटियां का उपयोग करके उनको पुनः जीवित किया था यह घटना सत्य है वैध रूपचंद नागर ने कहा कि मेरा शुरू से यही मानना है की भारत देश की मिट्टी की जितनी भी जड़ी बूटियां है, पेड़ पौधे हैं सब में अलग-अलग कोई न कोई अच्छे गुण उपलब्ध  है आपने कहा कि तकरीबन 50 वर्षों से भी अधिक समय से मैं अपने दादाजी और हमारे गुरु श्रीमाली जी  की कृपा और अपने अनुभव और उनके बताएं हुए प्राकृतिक जड़ी बूटियां की गुणवत्ता के आधार पर कैंसर के मरीजों का इलाज कर रहा हूं जिसका परिणाम यह है कि हर मरीज का इलाज संभव हो पा रहा  है और वह ठीक भी हो जाता है यह ईश्वर की बहुत बड़ी अनुकंपा व कृपा है,वैध रूपचंद नगर ने कहा कि वर्तमान में आज जो लाइफस्टाइल है जो खान-पान है जो केमिकल युक्त सामग्री की अधिकता है जिससे हर व्यक्ति किसी ने किसी रूप से बीमार रहता है, उसको शुगर रहता है, उसको ब्लड प्रेशर रहता है, और गुटका, पान, बीड़ी, सिगरेट और शराब की अत्यधिक प्रयोग से आज वर्तमान जनजीवन अस्त-व्यस्त है इसके लिए मानव जाति में कैंसर की बीमारी बढ़ती हुई दिखाई दे रही है लेकिन हमारी जो प्राकृतिक पेड़ पौधे और औषधि है उससे कैंसर का इलाज 100 प्रतिशत संभव है और सबसे बड़ी बात यह है कि इलाज तो संभव है लेकिन मैं चाहता हूं कि कोई भी व्यक्ति ऐसी अपनी दिनचर्या करें, ऐसी अपनी लाइफ स्टाइल बनाएं, ऐसा खान-पान करें, कि उसे कैंसर जैसे बड़ी बीमारी का सामना न करना पड़े, लेकिन यदि वह बीमार हो जाता है ,उसको यह बीमारी हो जाती है तो वह हमसे संपर्क कर सकता है और हम जड़ी बूटियां के माध्यम से उसका इलाज बहुत ही कम पैसे में करते हुए चले आ रहे हैं , वैध रूपचंद नागर ने कहा कि यदि कोई  मरीज मेरे पास आता है वह आर्थिक रूप से कमजोर होता है तो हम अपनी यथाशक्ति अनुसार उसकी आर्थिक मदद करते हैं और अगर राशि ज्यादा होती है तो अपने मित्रों से अपने सहयोगिकर्ताओं से उसकी मदद करके उसका  बेहतर इलाज करने का संभव प्रयास करते हैं और उसे यह भी बता देते हैं कि अगर बिल्कुल ही आपके पास आर्थिक तंगी है तो आप इन जड़ी बूटियां को लाकर उनको पीसकर उनका प्रयोग करके अपना इलाज कर सकते है,वैध रूपचंद नगर ने कहा कि हमारा 50 वर्षों का जो संघर्ष रहा वह सामाजिक चेतना को बढ़ाना ,सामाजिक जागरूकता को ऊंचाई पर पहुंचाना है और  अपने अनुभव और अपने गुरु जी और अपने दादाजी के आशीर्वाद का सदुपयोग मानव जाति के लिए करना है , आप ने कहा की हमारा जीवन सामाजिक उत्थान के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा और भारत देश की समस्त नागरिकों की स्वास्थ्य के प्रति अपना समर्पण सबसे प्रमुख है

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