भाजपा के कारनामों से लोग आक्रोशित हैं- संजीव सक्सेना

हिंदी दैनिक आज का मतदाता भाजपा ने प्रदेश का बेड़ा गर्क कर दिया है। चारों ओर अराजकता का माहौल है। तमाम तरह के माफियाओं-शिक्षा माफिया, खनन माफिया, अपराधिक माफिया के हाथों में कानून कैद है। मुख्यमंत्री जी शांति व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे कर रहे है पर हकीकत यह है कि भाजपा राज में अपराधिक मामलों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। दो वर्ष में राज्य सरकार और पांच वर्ष की केन्द्र सरकार की नीतियों का दुष्परिणाम यह हुआ है कि देश-प्रदेश का विकास अवरूद्ध हो गया है। 


भाजपा नेता अपनी रैलियों में सिर्फ विपक्ष पर हमलावर रहते हैं। अपनी तमाम कमियों के लिए वे विपक्षी सरकारों को दोषी ठहराते हैं पर यह नहीं बताते हैं कि केन्द्र में सत्ता के पांच सालों में उन्होंने क्या किया और उत्तर प्रदेश में दो वर्ष बीत गए उनकी कौन सी योजना जमीन पर उतरी है? किसान, नौजवान, महिलाएं, छात्र-छात्राएं सभी उत्पीड़न के शिकार हैं। दोनों सरकारों की उपलब्धियां शून्य है। केवल अनर्गल आरोपों और झूठ-फरेब के सहारे वे चुनावी वैतरणी पार करने का भ्रम पाल बैठे हैं।
 गृहमंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक सांप्रदायिक घटनाएं और मौते हुई हैं। वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में 195 साम्प्रदायिक घटनाओं को दर्ज किया गया जिसमें 44 लोग मरे और 540 घायल हुए। सबसे ज्यादा 63 लोग फर्जी एनकाउण्टर में मारे गए। एनकाउण्टर के नाम पर निर्दोष गरीबों को शिकार बनाया गया। 



शिक्षा-स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारी गिरावट आ गई है। भाजपा राज में गंगा-यमुना कोई नदी निर्मल नहीं हुई। मथुरा में मुख्यमंत्री जी यमुना का नाम जपने लगे। यह तो वही बात हुई कि ‘गंगा गए गंगा दास, यमुना गए यमुना दास‘।




भाजपा का झूठ का रिकार्ड तो है पर यह भी सच है कि झूठ के पैर नहीं होते हैं। भाजपा किसी भी सच को पचा नहीं पा रही है। भाजपा के कारनामों से लोग आक्रोशित हैं और वे अब ईवीएम मशीनों के माध्यम से अपना गुस्सा उतारेंगे। 



टिप्पणियाँ
Popular posts
परमपिता परमेश्वर उन्हें अपने चरणों में स्थान दें, उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें व समस्त परिजनों व समाज को इस दुख की घड़ी में उनका वियोग सहने की शक्ति प्रदान करें-व्यापारी सुरक्षा फोरम
चित्र
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की आपातकाल बैठक में वर्किंग कमेटी की गई भंग सर्वसम्मति से नए अध्यक्ष चुने गए डॉक्टर अनूप श्रीवास्तव
चित्र
भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति में भी ब्राह्मणों के बलिदान का एक पृथक वर्चस्व रहा है।
चित्र
पीपल, बरगद, पाकड़, गूलर और आम ये पांच तरह के पेड़ धार्मिक रूप से बेहद महत्व
चित्र
स्वास्थ्य के प्रति हमेशा सजग रहे डॉक्टर नीतिका शुक्ला
चित्र