लोकसभा चुनाव में भोपाल सीट मिलने से खुश नहीं हैं दिग्विजय सिंह? जानें कौन सीट थी उनकी पहली पसंद

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने औपचारिक तौर पर शनिवार को ऐलान कर दिया है कि भोपाल सीट से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह चुनाव लड़ेंगे. इस ऐलान से पहले दोपहर में ही पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिग्विजय की उम्मीदवारी का ऐलान कर दिया था. कमलनाथ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दिग्विजय ने कहा था कि वो राजगढ़ से लड़ना चाहेंगे लेकिन साथ ही ये भी जोड़ दिया कि पार्टी जैसा निर्देश देगी वो उसका पालन करेंगे. दिग्विजय 2 दफे राजगढ़ से सांसद रह चुके हैं.


भोपाल सीट: 1989 के बाद 8 चुनाव, मगर कांग्रेस को जीत नसीब नहीं, 'सबसे कठिन राह' पर दिग्विजय सिंह


लेकिन क्या इस फैसले से दिग्विजय खुश हैं, सीएम कमलनाथ से जब ये सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि 'ये सवाल आपको उनसे पूछना चाहिये, मैं इस फैसले से खुश हूं. दिग्विजय पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष, दो दफे मुख्यमंत्री रहे चुके हैं आप राजगढ़ से लड़ें तो ये बात आपपर जंचती नहीं है. मैंने उनसे अनुरोध किया था कि आप भोपाल, जबलपुर या इंदौर से लड़ें उन्होंने कहा मैं इसपर सोचता हूं... फिर उन्होंने मुझसे कहा आप ही फैसला कर लें तो मैंने फैसला कर लिया कि वो भोपाल से लड़ेंगे.' 


इस मामले में दिग्विजय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वैसे तो मैं 2020 तक राज्यसभा का सदस्य हूं, लेकिन फिर भी यदि पार्टी चाहती है कि मैं लोकसभा में जाऊं तो मेरी पहली प्राथमिकता राजगढ़ है जहां से मैं वोटर भी हूं. लेकिन उसके बावजूद भी मैंने मेरे पार्टी अध्यक्ष और प्रदेश कांग्रेस यानी कमलनाथजी से कहा है कि जहां पार्टी लड़ाना चाहेगी मैं वहां से लड़ लूंगा. बता दें कि पिछले हफ्ते कमलनाथ ने कहा था कि दिग्विजय को राज्य की सबसे कठिन सीट से चुनाव लड़ना चाहिये.


भोपाल पिछले 3 दशकों से बीजेपी का गढ़ रहा है, 1989 के बाद से हुए सभी आठ चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवारों को यहां से जीत मिला है फिलहाल इस सीट पर बीजेपी के आलोक संजर काबिज़ हैं. 1989 से 3 दफे इस सीट को सुशील चंद्र वर्मा ने जीता इसे बाद उमा भारती, और पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी भोपाल से सांसद रहे. 


भोपाल से चुनाव लड़ने की खबरों के बाद दिग्विजय सिंह ने कही यह बात...


चर्चा है कि इस सीट से आलोक संजर का टिकट काटकर महामंत्री वीडी शर्मा या मेयर आलोक शर्मा को टिकट दिया जा सकता है, लेकिन दिग्विजय की उम्मीदवारी के बाद इस सीट से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लड़ने की भी चर्चा है. उधर मालेगांव धमाका मामले से बरी हुई साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर भी ताल ठोंक रही हैं. 


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प्रज्ञा ठाकुर को सामने उतारने के सवाल पर दिग्विजय ने कहा बीजेपी जिसको लड़ाना चाहे लड़ा ले मैं अपना प्रयास करूंगा. वहीं बीजेपी की दावेदारी और दिग्विजय की चुनौती के सवाल पर पार्टी प्रवक्ता राहुल कोठारी ने कहा हमारा कोई भी राष्ट्रवादी कार्यकर्ता उन्हें चुनौती दे सकता है. ये कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई है जिसमें दिग्विजय को फंसाकर हारने के लिये उतारा जा रहा है ताकि प्रदेश की राजनीति में उनका दखल ख़त्म हो जाए. सारे मतदाता उनकी राष्ट्रविरोधी और बंटाधार की छवि को जानते हैं. जब मोदीजी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है तो दिग्विजय सिंह को वोट देकर भोपाल क्यों पिछड़ेगा.


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