गणतंत्र दिवस पर पहली बार दिखेगा राफेल विमान, जानें इसके भारतीय वायुसेना में शामिल होने तक का सफर


बेशक देश का गणतंत्र दिवस इस बार कोरोना के साए में मनाया जा रहा है और दर्शकों को बहुत बदलाव भी नजर आएंगे लेकिन इस दशक के पहले गणतंत्र दिवस में कुछ खास भी होने जा रहा है। इस बार परेड में भारतीय वायु सेना की शान राफेल भी शामिल किया जाएगा। ऐसा पहली बार हो रहा है, जब राफेल का सार्वनजिक प्रदर्शन होगा। जानिए राफेल की डील से लेकर भारतीय वायुसेना में शामिल होने तक का सफर...


1. गणतंत्र दिवस के मौके पर फ्लाईपास्ट के दौरान राफेल 'वर्टिकल चार्ली' फॉर्मेशन में उड़ान भरेगा। 'वर्टिकल चार्ली' फॉर्मेशन में विमान कम ऊंचाई पर उड़ान भरता है और ऊपर की तरफ जाता है। फिर विमान सबसे ऊंचाई पर जाने से पहले कलाबाजी करता है।

2. राफेल के अलावा 41 अन्य विमान भी अलग-अलग फॉर्मेशन का हिस्सा होंगे। इसमें 21 हेलीकॉप्टर, 15 लड़ाकू विमान, पांच ट्रांसपोर्ट विमान और एक विंटेज डकोटा विमान शामिल हैं। लड़ाकू विमानों में राफेल, सुखोई-30 और मिग-29 शामिल हैं।

3. फ्लाईपास्ट खत्म होने से पहले राफेल दो जैगुआर और दो मिग-29 विमानों के साथ एक फॉर्मेशन में उड़ान भरेगा।

4. राफेल फ्रांस में बना ट्विन इंजन लड़ाकू विमान है। इसे फ्रांस की एयरक्राफ्ट बनाने वाली कंपनी दसॉ एविएशन ने बनाया है। पहली बार मई 2001 में राफेल बनाया गया था। भारतीय वायुसेना के अलावा मिस्र, कतर, ग्रीस और कई अन्य देश राफेल विमान का इस्तेमाल कर रहे हैं।

5. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन फ्रांसिसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने अप्रैल 2015 में 36 राफेल लड़ाकू विमानों का सौदा किया था। इनकी कीमत 59 हजार करोड़ रुपये थी। 

6. हालांकि, यह समझौता भारत में विवाद का कारण बना और कांग्रेस पार्टी ने सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। हालांकि, दिसंबर 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने समझौते को बरकरार रखा। इसके बाद नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने राफेल को लेकर अपने फैसले की समीक्षा के लिए दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया।

7. अक्टूबर 2019 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारत का पहला राफेल विमान लाने फ्रांस गए।

8. हालांकि, भारतीय वायुसेना के पायलट देश के पहले पांच राफेल जेट जुलाई 2020 में फ्रांस से उड़ाकर भारत लाए। ये जेट मई में ही आने थे लेकिन कोरोना महामारी की वजह से इसमें देरी हुई। ये जेट अंबाला एयरबेस पर लैंड हुए और इन्हें भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया।

9. अभी तक भारत को 36 राफेल लड़ाकू विमानों में से आठ मिल चुके हैं। बीते साल सितंबर में अंबाला पहुंचे पांच विमानों के अलावा नवंबर 2020 में भी दो विमान भारत आए थे। इस महीने के आखिर तक 3 और राफेल विमान भारत आ सकते हैं, जिसके बाद यह आंकड़ा 11 हो जाएगा।

10. भारत ने दो दशक से भी ज्यादा समय बीत जाने के बाद विदेशी विमान खरीदा है। इससे पहले जून 1997 में रूस के सुखोई 30 विमानों को भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था।

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