राम नाम सत्य है - प्रेम श्रीवास्तव

राम नाम सत्य है और आज हम सत्य को आपके सामने रखना चाहते हैं वर्तमान देश का हर नागरिक आज यह सोचने को मजबूर हो गया है कि हमारे देश में, हमारे प्रदेश में, कोई सरकार कार्य कर रही है या सब छुट्टी मनाने गए हैं जिला हो, गांव हो ,या कस्बा हर क्षेत्र का प्रशासन और वहां का जनप्रतिनिधिनिधि कहीं छुप गया है ऐसा महसूस होता है कि करोना ने सबसे ज्यादा सरकारी महकमा और जनप्रतिनिधि को डस लिया हूं जनप्रतिनिधि जो कि जनता का मनोबल बढ़ाने में और उनका वोट लेकर उनको सरकारी मदद दिलाने में आगे रहने की बात करते हैं वह इस तरह नदारद है जिस तरह से किसी  गंजे के सिर पर से बाल  बात बड़ी कड़वी है कि हम सरकार क्यों चुनते हैं हम क्यों यह महसूस करते हैं कि सरकार हमारी रक्षा करेगी आज अगर मैं गाजियाबाद की बात करूं तो पूरे गाजियाबाद में ऑक्सीजन गैस को लेकर और बहुत सारी करोना से संबंधित जीवन रक्षक दवाइयों को लेकर बहुत बुरा हाल है ऐसा प्रतीत होता है कि भारत जो कि आज 21वीं सदी में अपनी बात को विश्व के सामने रख रहा है वह झूठा है लगता है कि भारत देश आज 2021 का ना होकर 1947 के पहले का है आज स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा सी गई है हर देशवासियों के अंदर इतनी घबराहट, इतनी असमंजस इतनी बेबसी है, कि उसे महसूस होता है कि हमारे आगे पीछे कोई भी सरकार नाम की कोई चीज नहीं है अगर हम केवल गाजियाबाद की बात करें तो हम यह देखेंगे कि गाजियाबाद का कोई भी ऐसा मेडिकल स्टोर नहीं है जिस पर एक लंबी कतार ना देखने को मिले और हर आधे घंटे बाद किसी न किसी परिजन की जानकारी मिलती है कि उनकी मृत्यु हो गई है आज यह कैसा आलम आ गया है कि हम विवश हो गए हैं और सरकारी तंत्र पूरी तरह से विफल हो गया है और बस जनता को उसके हाल पर छोड़ दिया गया है  जीवन रक्षक दवाइयां मिले या ना मिले कुछ दिन पूर्व गाजियाबाद में दवाइयों की ब्लैक मार्केटिंग करते हुए कालाबाजारी की धरपकड़ हुई लेकिन अभी भी बहुत कालाबाजारी करुणा से संबंधित दवाइयों की कालाबाजारी कर रहे हैं जिसको लेकर सरकार और प्रशासन कोई कठोर कदम नहीं उठा रही है गाजियाबाद में कई जीवन रक्षक दवाइयों का कालाबाजारी हो रहा है दवाइयां उपलब्ध नहीं है क्यों उपलब्ध नहीं है इसका जवाब देहि किसकी बनती है किस को जवाब दे बनाया जाए, लोगों की जान जा रही है लेकिन सरकार खासतौर से मैं उत्तर प्रदेश सरकार की बात कर रहा हूं इस सरकार के पास केबल टीवी पर अपनी बात को रखने के अलावा और कोई भी ब्लूप्रिंट नहीं है लोग मर रहे हैं उनको मरने दो हमें टीवी पर अपनी बात कहने दो यह आज का सबसे बड़ा प्रयोग है सरकार जनता के मृत्यु पर विचलित नहीं होगी वह केवल जनता को उनके हाल पर छोड़ देगी । प्रेम मधु कांति संपादक हिंदी दैनिक आज का मतदाता गाजियाबाद



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