जी-23 नेताओं को सोनिया का जवाब, मैं फुल टाइम प्रेसिडेंट, मीडिया के जरिए न करें बात

 


संगठन चुनाव की तारीखों का हुआ ऐलान, 1 नवंबर से शुरू होगी प्रक्रिया

नई दिल्ली, : राजधानी दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आज सुबह 10 बजे कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक शुरू हुई. बैठक की शुरुआत में ही सोनिया गांधी ने कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं के ग्रुप जी-23 समूह को दो टूक कही. सोनिया ने स्पष्ट तौर पर कहा, मैं ही कांग्रेस की पूर्णकालिक और कार्यशील अध्यक्ष हूं. उन्होंने कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में यह भी बताया कि अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया 30 जून तक पूरी की जानी थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण ही इसे टालना पड़ा और अब इसकी रूपरेखा पेश की जाएगी.


 कांग्रेस अध्यक्ष ने आगामी विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा, ‘हमारे सामने कई चुनौतियां आएंगी, लेकिन अगर हम एकजुट रहते और अनुशासित रहते हैं और सिर्फ पार्टी के हित पर ध्यान केंद्रित करते हैं तो मुझे पूरा विश्वास है कि हम अच्छा करेंगे. सोनिया गांधी ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए तैयारियां आरंभ हो चुकी हैं.

उन्होंने कहा, ‘पूरा संगठन चाहता है कि कांग्रेस फिर से मजबूत हो. लेकिन इसके लिए जरूरी है कि एकजुटता हो और पार्टी के हित को सर्वोच्च रखा जाए. इन सबसे ऊपर आत्मनियंत्रण और अनुशासन की जरूरत है. सोनिया गांधी ने कहा कि कोरोना संकट के कारण अध्यक्ष के चुनाव को लेकर समयसीमा बढ़ानी पड़ी थी. उन्होंने जोर देकर कहा, ‘अगर आप मुझे बोलने की इजाजत दें तो मैं पूर्णकालिक और सक्रिय अध्यक्ष हूं. पिछले दो वर्षों में कई साथियों और खासकर युवा नेताओं ने नेतृत्व करने की जिम्मेदारी उठाई है और पार्टी की नीतियों को लोगों तक लेकर गए हैं.”बता दें कि कांग्रेस में पार्टी अध्यक्ष के चुनाव के लिए तारीख का ऐलान कर दिया गया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चुनाव कार्यक्रम के तहत कांग्रेस के नए अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया 1 नवंबर से शुरू हो जाएगी. अगले साल अक्टूबर तक कांग्रेस को नया पार्टी अध्यक्ष मिल जाएगा.

उन्होंने जी 23 नेताओं को नसीहत देते हुए कहा, ‘मैंने सदा स्पष्टवादिता की सराहना की है. मुझसे मीडिया के जरिये बात करने की जरूरत नहीं है. इसलिए हम सभी यहां खुली और ईमानदार चर्चा करते हैं. लेकिन इस चाहरदीवारी से बाहर जो बात जाए वो सीडब्ल्यूसी का सामूहिक फैसला होना चाहिए.’

सोनिया ने जम्मू-कश्मीर में पिछले दिनों अल्पसंख्यकों की हुई हत्या की निंदा की और कहा कि दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने और इस केंद्रशासित प्रदेश में शांति सौहार्द बहाल करने की जिम्मेदारी केंद्र की है. बीजेपी सरकार पर निशाने साधते हुए और लखीमपुर खीरी की घटना का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इससे किसान आंदोलन को लेकर बीजेपी की सोच का पता चलता है.

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