राजनाथ का दावा: राष्ट्रवादी थे सावरकर- गांधी के कहने पर माफी मांगी, कांग्रेस नेता बोले- ये व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का ज्ञान है

 


देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा दिए गए हालिया बयान के बाद देश की राजनीति में सियासी उबाल आ गया है।

दरअसल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अध्यक्ष मोहन भागवत के साथ वीर सावरकर पर लिखी एक किताब का विमोचन किया।इस मौके पर उन्होंने कई ऐसे बयान दिए जिसकी वजह से वह चर्चा में आ गए हैं।

राजनाथ सिंह ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए वीर सावरकर को देश का सबसे बड़े राष्ट्रवादी करार दिया है।

इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जब वीर सावरकर जेल में बंद थे। तो उन्होंने देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के कहने पर ही अंग्रेजों को दया याचिका लिखी थी। लेकिन उनको लेकर कई तरह के झूठ फैलाए गए हैं।

कई बार ऐसा कहा जाता है कि उन्होंने अंग्रेजों के सामने घुटने टेक दिए थे। लेकिन सच यह है कि उन्होंने यह सब महात्मा गांधी के कहने पर ही किया था।

वीर सावरकर को उन लोगों ने बदनाम किया। जो मार्क्सवादी और लेनिन वादी विचारधारा में यकीन रखते हैं। वीर सावरकर के बारे में जो नफरत फैलाई जा रही है, वह पूरी तरह से तथ्यहीन है।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा दिए गए इस बयान के बाद कांग्रेस नेताओं द्वारा उन पर जमकर जुबानी हमले बोले जा रहे हैं।

इस मामले में कांग्रेस नेता श्रीनिवास बीवी ने रक्षा मंत्री राजनाथ पर निशाना साधा है।

 


उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि राजनाथ जी, उम्र के इस पड़ाव में Whatsapp यूनिवर्सिटी से ज्ञान लेना आपको शोभा नही देता..

विपक्षी नेताओं का कहना है कि देश के रक्षा मंत्री द्वारा अब वीर सावरकर के पक्ष में दिए गए इस बयान ने साबित कर दिया है कि भारतीय जनता पार्टी के नेता गांधी विरोधी मानसिकता रखते हैं।

हिंदूवादी संगठन आरएसएस द्वारा महात्मा गांधी की छवि अक्सर खराब करने की कोशिश की जाती है और वीर सावरकर को संगठन का नायक दर्शाया जाता है।

टिप्पणियाँ
Popular posts
परमपिता परमेश्वर उन्हें अपने चरणों में स्थान दें, उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें व समस्त परिजनों व समाज को इस दुख की घड़ी में उनका वियोग सहने की शक्ति प्रदान करें-व्यापारी सुरक्षा फोरम
चित्र
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की आपातकाल बैठक में वर्किंग कमेटी की गई भंग सर्वसम्मति से नए अध्यक्ष चुने गए डॉक्टर अनूप श्रीवास्तव
चित्र
भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति में भी ब्राह्मणों के बलिदान का एक पृथक वर्चस्व रहा है।
चित्र
रूस में दो नए काउंसलेट खोलने का ऐलान, मॉस्को में बोले मोदी- भारत का विकास देख दुनिया भी हैरान
चित्र
पीपल, बरगद, पाकड़, गूलर और आम ये पांच तरह के पेड़ धार्मिक रूप से बेहद महत्व
चित्र