श्रद्धांजलि सभा में शामिल होंगी प्रियंका, टिकैत भी पहुंचे

 


लखीमपुर खीरी : लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में हुए बवाल के दौरान मारे गए किसानों की आत्मा की शांति के लिए अंतिम अरदास (श्रद्धांजलि सभा) कार्यक्रम जारी है. श्रद्धांजलि सभा के लिए करीब 30 एकड़ इलाके में इंतजाम किए गए हैं. यह कार्यक्रम स्थल घटनास्थल से एक किलोमीटर की दूरी पर है. इस मौके पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल होंगी. प्रियंका गांधी लखनऊ एयरपोर्ट से लखीमपुर के लिए रवाना हो चुकी हैं. एयरपोर्ट पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू समेत सभी वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया.

वहीं किसान नेता राकेश टिकैत भी तिकुनिया में चल रही किसानों की अंतिम अरदास में शामिल होने पहुंच गए हैं. लखीमपुर आने वाले किसानों को जगह-जगह रोका जा रहा है. इसको लेकर किसान आक्रोशित हो रहे हैं. मंच से बार-बार अनाउंस किया जा रहा है कि प्रशासन उन्हें परेशान न करे.इससे पहले राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. हालांकि कुछ देर बाद उन्हें बाद में छोड़ दिया गया. अब वह भी लखीमपुर खीरी रवाना हो गए हैं.

 


तिकुनिया बवाल मारे गए दलजीत सिंह, नछत्तर सिंह, गुरविंदर सिंह, लवप्रीत सिंह और रमन कश्यप की अंतिम अरदास कार्यक्रम शुरू हो गया है. पलिया से आए रागी जत्थे ने गुरवाणी का बखान कर संगत को निहाल किया. कार्यक्रम में मृत किसानों के परिजन और घायल किसानों को भी बुलाया गया है. इस कार्यक्रम में पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश के तमाम जिलों से किसान शामिल होने पहुंचे हैं.

बता दें कि कार्यक्रम पर नजर रखने के लिए मंडलायुक्त रंजन कुमार बीती रात से ही गुरु नानक देव एकेडमी में कैंप कर रहे हैं. डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया, एसपी विजय ढुल, एसडीएम ओपी गुप्ता भी वहीं हैं. भारतीय किसान सिख संगठन के तहसील अध्यक्ष गुरमीत सिंह रंधावा और भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष गुरबाज सिंह ने बताया कि कई किसानों की भूमि को मिलाकर कार्यक्रम स्थल तैयार कराया जा रहा है. इसमें पंडाल, पार्किंग और लोगों के बैठने आदि की व्यवस्था की गई है. उन्होंने बताया कि गुरुद्वारे में अखंड पाठ चल रहा है. अखंड पाठ को मंगलवार को विराम दिया जाएगा. उसके बाद अंतिम अरदास होगी.

टिप्पणियाँ
Popular posts
परमपिता परमेश्वर उन्हें अपने चरणों में स्थान दें, उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें व समस्त परिजनों व समाज को इस दुख की घड़ी में उनका वियोग सहने की शक्ति प्रदान करें-व्यापारी सुरक्षा फोरम
चित्र
पीपल, बरगद, पाकड़, गूलर और आम ये पांच तरह के पेड़ धार्मिक रूप से बेहद महत्व
चित्र
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की आपातकाल बैठक में वर्किंग कमेटी की गई भंग सर्वसम्मति से नए अध्यक्ष चुने गए डॉक्टर अनूप श्रीवास्तव
चित्र
यूपी सरकार से तंग आ चुके हैं हम, वहां जंगलराज जैसी स्थितिः सुप्रीम कोर्ट
भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति में भी ब्राह्मणों के बलिदान का एक पृथक वर्चस्व रहा है।
चित्र