स्वर्गीय अशोक सिंघल की पुण्य आत्मा हम सभी को आशीर्वाद दे रही है वैध रूपचंद नागर

 





रूपचंद नागर

गाजियाबाद वसुंधरा समाज सेवी, पर्यावरण पुरुष एवं वैध रूपचंद नगर ने एक संक्षिप्त वार्ता के अंतर्गत कहा कि वर्तमान परिपेक्ष में सनातन धर्म के अग्रणी पूजनीय हर दिलों में विराजमान पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की सदियों  और अनेकों दशक से 140 करोड़ देशवासियों की आंखों की प्रतीक्षा कर रही इस स्वर्णिम अवसर जो की 22 जनवरी को अयोध्या में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के हिंदू हृदय सम्राट योगी आदित्यनाथ और 140 करोड़ देशवासियों के साथ-साथ  स्वर्गीय अशोक सिंघल , उनकी सोच और उस वक्त के उनके लाखों सहयोगी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ वर्तमान में 140 करोड़ भारतवासियों को जाता है जिसका  हम साक्षी बना रहे हैं  हम सभी  लोगों को यह महसूस हो रहा है कि आज स्वर्गीय अशोक सिंघल की पुण्य आत्मा हम सभी को आशीर्वाद दे रही है , स्वर्गीय अशोक सिंघल के साथ साथ करोड़ों भारतवासियों  का श्री राम मंदिर का सपना पूरा हो चुका है  रूपचंद नागर  ने अपनी एक जीवन की संक्षिप्त स्वर्णिम विभूतियों के साथ उनके अंतरंग संबंधों के बारे में बात करते हुए बहुत ही गर्व से कहा  हैं कि अशोक सिंघल जैसे व्यक्तित्व इस दुनिया में दोबारा पैदा नहीं होंगे भगवान राम के प्रति उनका जो समर्पण था जो उनकी आस्था और निष्ठा थी आज वह साकार होते हुए दिख रही है जब कभी हमारी उनसे इस बारे में बात होती थी तो केवल उनका यही कहना होता था कि हम भगवान श्री राम के चरणों में नमन करते हैं और अयोध्या में उनकी जो जन्मस्थली है उसे पर एक भव्य मंदिर निर्माण का सपना सजाए हुए रखे हैं आज हम सब लोगों को उनकी आत्मा जरूर आशीर्वाद दे रही होगी इसमें कोई दो राय नहीं है   रूपचंद  नागर ने कहा कि हमारे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस तरह से अयोध्या में मंदिर निर्माण कार्य को तेजी से पूरा किया है वह सनातनधर्म और  भगवान श्री राम के निष्ठा के प्रति एक बहुत बड़ा सकारात्मक स्वरूप स्थापित हो रहा है ,रूप  चंद्र  नागर ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का  निष्ठा और  सनातन धर्म के साथ-साथ जनमानस के कार्यों के प्रति समर्पणता अपने आप में पूरे विश्व पटेल पर जाना और पहचाना जाता  है नरेंद्र मोदी अगर किसी भी चीज को ठान लेते हैं तो उसे जनता के हित में अवश्य पूरा करते हैं रूपचंद नागर ने कहा कि हम सभी देशवासियों का यह परम कर्तव्य बनता है कि हम 22 जनवरी को अपने घर में पूजा करें अर्चना करें और दीपावली से भी बड़ा उत्सव मनाए और  पूरा संसार  सनातन की इस आस्था को देखकर गौरवान्वित हो यही हमारी कल्पना है और यही हमारी आस्था भी है हम सभी लोग 22 जनवरी को भगवान  श्री राम की अयोध्या में उनके प्राण प्रतिष्ठा के इस शुभ अवसर के साक्षी हैं यह हम सभी लोगों का सौभाग्य है

टिप्पणियाँ